सोनभद्र। अखिल भारतीय चित्रांश महासभा सोनभद्र की तरफ से रॉबर्ट्सगंज के विकास नगर स्थित कैंप कार्यालय पर बृहस्पतिवार को भगवान चित्रगुप्त की पूजा की गई। कायस्थ समाज के लोगों ने कलम-दवात की भी पूजा की।
अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के जिलाध्यक्ष रतन कुमार श्रीवास्तव ने पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान चित्रगुप्त की जीवन कथा को बताया।
कहा कि भगवान ब्रह्मा जी की काया से एक दिव्य पुरुष उत्पन्न हुए, जिन्हें चित्रगुप्त कहा गया वे मनुष्य के अच्छे-बूरे कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं और यमराज की सहायता करते हैं। जीवों को उनके कर्मों का फल मिलता है। शास्त्रों में कायस्थ कुल को बुद्धि, विद्या और लेखन में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है।
भगवान चित्रगुप्त को प्रमुख देवताओं में एक माना जाता है। महासभा के संरक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव और जिला उपाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि दीपावली के दिन चित्रांश परिवार के लोग कलम को बंद करते हैं और भाई दूज के दिन भगवान चित्रगुप्त के साथ कलम और लेखनी की पूजा करते हैं।
इस मौके पर परमहंस आश्रम के संत स्वामी मुद्रानंद सरस्वती जी महाराज, जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय पदाधिकारी चित्रांश विशाल श्रीवास्तव, जिला सचिव अभिषेक सिंहा जी, पुनीत, स्वतंत्र, आशुतोश, राहुल आदि रहे।
इसी तरह वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कुसुमाकर श्रीवास्तव की तरफ से चित्रगुप्त की जयंती मनाई गई। इस मौके पर यमराज के लेखाकार चित्रगुप्त के साथ कलम दवात की पूजा की गई। इस दौरान दिवाकर श्रीवास्तव, प्रभाकर श्रीवास्तव, शुभम, आदित्य, दिव्यम, साधना, लक्ष्मी, डॉ. कीर्ति आदि उपस्थित रहे।