बस्ती। जिले में माध्यमिक स्तर के कस्तूरबा विद्यालयों का संचालन अभी पटरी पर नहीं आ पाया है। पांच साल के इंतजार के बाद नौ ब्लॉकों में किसी तरह संचालन हुआ तो नाम मात्र की छात्राओं का ही नामांकन संभव हो पाया। सौ छात्राओं की क्षमता वाले प्रति विद्यालय में बच्चों की संख्या 15 से 20 है।
वहीं हर्रैया ब्लॉक के माध्यमिक कस्तूरबा विद्यालय का संचालन अभी तक नहीं हो सका। जबकि तीन ब्लॉकों में जमीन के अभाव में भवन का निर्माण ही नहीं हुआ है। पांच साल पहले, वर्ष 2019- 20 में जनपद के 13 ब्लॉकों में संचालित जूनियर स्तर के कस्तूरबा विद्यालयों को इंटरमीडिएट तक अपग्रेड किए जाने की पहल हुई। इसके लिए प्रति विद्यालय भवन 1.75 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित हुआ। इन भवनों को बनने से लेकर हैंडओवर होने में तीन साल बीत गए। अभी भी कुछ विद्यालयों में फर्नीचर आदि का कार्य आधा- अधूरा है। कार्यदायी एजेंसी यूपी सिडको को यह परियोजना पूर्ण करने में एक साल की जगह पूरे चार साल लग गए। हर्रैया ब्लॉक का विद्यालय अभी भी अपूर्ण बताया जा रहा है। वहीं विक्रमजोत, बस्ती सदर, बहादुरपुर, गौर, सल्टौआ, बनकटी, कुदरहा, कप्तानगंज, रुधौली में भवन के निर्माण किसी तरह पूरे किए गए। संचालन की बारी आई तो कक्षा नौ से 12 तक की छात्राएं ही नामांकन के लिए नहीं मिल रही है।
नए कस्तूरबा विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं को सिर्फ आवासीय सुविधा प्रदान की जानी है। प्रति विद्यालय संबंधित ब्लॉक क्षेत्र की सौ छात्राओं के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी है। इनका नामांकन नजदीकी माध्यमिक स्कूलों में कराया जाएगा। पढ़ाई से लेकर रहने खाने तक की व्यवस्था निशुल्क रहेगी।