कासगंज में नवरात्र पर्व को लेकर चामुंडा माता मंदिर में सजावट करते कारीगर। संवाद
- फोटो : कासगंज में नवरात्र पर्व को लेकर चामुंडा माता मंदिर में सजावट करते कारीगर। संवाद
कासगंज। माता चामुंडा मंदिर 124 साल पुराना है। यह मंदिर तरौरा वाली माता के नाम से भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि पीपल की जड़ में माता चामुंडा के चरण निकलने के बाद मंदिर की स्थापना की गई। यह मंदिर काफी भव्य रूप ले चुका है। नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं लोगों का मानना है कि यहां मनोकामना पूर्ण होती है। यहां और भी देवी देवताओं की मूर्तियां हैं।
यहां है स्थित
मंदिर फोरलेन मार्ग पर इस्माइलपुर रोड एवं अशोक नगर के मध्य स्थित है। बस स्टैंड से मंदिर की दूरी आधा किमी है। रेलवे स्टेशन से मंदिर लगभग डेढ़ किमी दूर है। मंदिर के लिए शहर के लोग बिलराम गेट चौराहा, गली माता चामुंडा मंदिर, सोरों गेट अंबेडकर तिराहा आदि मार्गों से होकर जाते हैं।
माता चामुंडा के दरबार से कोई भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। सच्चे मन से माता से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र के दिनों में दूर-दराज के क्षेत्र से भक्त आकर पूजा करते हैं। -अनेक पाल सिंह, पुजारी