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कल्याण सिंह: आरएसएस के सदस्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक, जानें भाजपा के इस दिग्गज नेता का राजनीतिक सफरनामा

Sat, 21 Aug 2021 10:24 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा

सार

कल्याण सिंह ऐसे नेता थे, जिन्होंने आरएसएस में सदस्य बनकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और देश के सबसे बड़े सूबे यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
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कल्याण सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता कल्याण सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वह काफी दिन से बीमार चल रहे थे। पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया और कहा कि भारतीय राजनीति में कल्याण सिंह की कमी हमेशा खलेगी। यह बात सच भी है। कल्याण सिंह ऐसे नेता थे, जिन्होंने आरएसएस में सदस्य बनकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और देश के सबसे बड़े सूबे यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इस रिपोर्ट में हम आपको कल्याण सिंह के राजनीतिक सफरनामे से रूबरू करा रहे हैं।

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35 साल की उम्र में बने थे विधायक

बता दें कि उत्तर प्रदेश के छोटे-से कस्बे अतरौली से ताल्लुक रखने वाले कल्याण सिंह 35 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने। सियासत में उनका सफर शुरू हुआ तो अपने क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय हो गए। उन्होंने अतरौली में ऐसा जलवा कायम किया कि 1967 में पहला चुनाव जीता और 1980 तक उन्हें कोई चुनौती ही नहीं दे सका। जब 1980 के चुनाव में जनता पार्टी टूट गई तो कल्याण सिंह को हार का सामना करना पड़ा।

आरएसएस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

जानकारी के मुताबिक, कल्याण सिंह जब स्कूल में थे, उस वक्त ही आरएसएस के सदस्य बन गए थे। वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से ही जनसंघ में आए। जब जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हुआ और 1977 में उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार बनी तो रामनरेश यादव की सरकार में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। 1980 में कल्याण पहली बार चुनाव हारे, लेकिन उसी साल छह अप्रैल 1980 को भाजपा का गठन हुआ तो कल्याण सिंह को पार्टी का प्रदेश महामंत्री बना दिया गया। उन्हें प्रदेश पार्टी की कमान भी सौंप दी गई।
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राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका

यह वह दौर था, जब उत्तर प्रदेश में अयोध्या आंदोलन की शुरुआत हो चुकी थी। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दी तो कार्यकर्ताओं में नया जोश आ गया और उनकी छवि रामभक्त की बन गई। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के खिलाफ बिगुल फूंका तो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में भाजपा उभरकर आ गई। वहीं, जून 1991 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। इसमें कल्याण सिंह की अहम भूमिका थी, जिसके चलते उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, उनकी सरकार के दौरान ही बाबरी ढांचा ढहा दिया गया। उन्होंने पूरे मामले का दोष खुद पर लिया और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
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