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Noida News: स्काईवॉक से सफर शुरू, अब मिनटों में बदलें ब्लू और एक्वा लाइन

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पुनीत सेक्टर 73
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- ब्लू लाइन मेट्रो के सेक्टर-52 व एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन के बीच का स्काईवॉक ट्रायल के लिए खुला
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5 मिनट में तय हो रही दूरी अब
540 मीटर है दोनों स्टेशन के बीच की दूरी
260 मीटर लंबा ट्रैवलेटर लगा है पांच जगहों पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रक्षाबंधन के मौके पर ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के बीच का स्काईवॉक का ट्रायल शुरू हो गया। वातानुकूलित और ट्रैवलेटर वाले इस स्काईवॉक से मेट्रो यात्रियों का आवागमन सुगम हो गया है। अब तक यात्री दोनों मेट्रो स्टेशन के बीच करीब 540 मीटर की दूरी पैदल तय करते थे और दोनों स्टेशन की सीढ़ियों से उतरना-चढ़ना होता था। स्काईवॉक से यह दूरी 500 मीटर हो गई है, इसके साथ स्टेशन की सीढ़ियों पर चढ़ना-उतरना नहीं पड़ेगा। स्काईवॉक में बीच-बीच में 5 जगहों पर 260 मीटर लंबा ट्रैवलेटर लगाया गया है। स्काईवॉक से दोनों मेट्रो स्टेशन के बीच की दूरी अब 4-5 मिनट में यात्री तय कर रहे हैं। पहले 10 से 12 मिनट का समय लगता था।
11 बार पार हुई डेडलाइन


जून-2023 में इस स्काईवॉक का निर्माण शुरू होने के साथ 5-7 महीने में काम पूरा करने का दावा नोएडा प्राधिकरण की तरफ से किया गया था। लेकिन स्काईवॉक का निर्माण फंसता रहा। 25 करोड़ रुपये से शुरू हुई परियोजना की लागत काम पूरा होने तक 33.50 करोड़ रुपये हो गया। इस बीच 11 बार इसके शुरू होने की डेडलाइन पार हो गई। प्राधिकरण के जीएम एस पी सिंह ने बताया कि स्काईवॉक को शुक्रवार सुबह 7 बजे ट्रायल के तौर पर खोल दिया गया है। ट्रायल के दौरान अगर कोई कमी निकल कर सामने आती है तो उसे भी दूर करवाया जाएगा।
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परियोजना की लागत और इंतजार बढ़ता गया-

जून 2023 : 425 मीटर लंबे स्काईवॉक का निर्माण शुरू, अनुमानित लागत 25 करोड़ रुपये थी।

अक्तूबर 2024 : सिविल के काम में डिजाइन बदलाव, लंबाई बढ़ने व अन्य कारण से 6 करोड़ रुपये की लागत बढ़ी।

नवंबर 2025: स्काईवॉक बनकर तैयार हुआ। सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पर रास्ते के लिए दीवार तोड़ी गई तो उसके बीच में बीम निकली। फिर सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन की तरफ भी बीम निकली।
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मार्च 2026 : करीब 75 मीटर दूरी और बढ़ाने का निर्णय हुआ। 2.50 करोड़ रुपये की निर्माण लागत बढ़ाने की मंजूरी दी गई।

28 अगस्त 2026 : स्काईवॉक ट्रायल के लिए खोला गया।



मेट्रो यात्री बोले आसान हुआ आवागमन

अभी तक दोनों स्टेशन की सीढ़ी चढ़नी उतरनी पड़ती थी। नीचे पैदल का रास्ता भी ठीक नहीं था, जगह-जगह दुकानें, पानी व कीचड़ मिलता था। - पुनीत, सेक्टर-73

स्काईवॉक से सफर आसान हो गया। दिल्ली से सेक्टर-52 स्टेशन आने में दिक्कत नहीं होती थी लेकिन वहां से एक्वा लाइन दूर लगती थी।- केशव, ग्रेटर नोएडा

स्काईवॉक खुलने का लंबे समय से इंतजार था। नीचे पैदल जाने में सड़क का ट्रैफिक मिलता था, बारिश और धूप से भी समस्या होती थी। - अवनीश, सेक्टर-137

यह स्काईवॉक पहले बन जाना चाहिए था। अब एक्सप्रेसवे किनारे के सेक्टर के निवासियों के लिए दिल्ली का सफर आसान हो गया है। - रोहित, सेक्टर-142

पुनीत सेक्टर 73

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पुनीत सेक्टर 73

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