संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। गांव जीदा में हुए दो विस्फोटों की जांच तेजी से जारी है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत के घर को तीन-स्तरीय सुरक्षा के साथ सील कर दिया है। सेना की मदद से रासायनिक बम सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल को सेनिटाइज करने से पहले सभी खतरनाक अवशेषों का ध्यान रखा जा रहा है।
बम साग्रमी को नष्ट करने के लिए सेना और बम निरोधक (ईओडी) टीमों को बुलाया गया। रोबोटिक सहायता और नियंत्रित विधियों का उपयोग करके पदार्थ को सौम्य और सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार कम तीव्रता वाले नियंत्रित विस्फोटों के दौरान स्थानीय टीमों और सेना के विशेषज्ञों की आवश्यकता थी। सेना के आकलन और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक पुलिस घटनास्थल को सेनिटाइज्ड घोषित नहीं करेगी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ऑनलाइन माध्यमों से खतरनाक रसायन खरीदे थे। उसकी तस्वीरों व संदेशों से अनुमान लगाया जा रहा है कि वह ऑनलाइन माध्यमों से कट्टरपंथी सामग्री भी देख रहा था। एसएसपी ने आरोपी रिमांड पर है। रासायनिक पदार्थों को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जा रहा है। बता दें कि 10 सितंबर को गुरप्रीत के घर पर दो धमाके हुए थे। जिसमें 19 वर्षीय गुरप्रीत सिंह और उनके पिता जगतार सिंह घायल हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए एम्स बठिंडा भेजा गया। पुलिस ने गुरप्रीत सिंह के खिलाफ विस्फोटकों के आयात निर्माण का मामला दर्ज किया है। गुरप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। जो कानून की पढ़ाई कर रहा था। बम बनाने की सनक उसे सलाखों के पीछे ले गई।