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Noida News: तीन करोड़ से बनकर हुआ था तैयार, अब सुविधाओं की दरकार

Sat, 30 Sep 2023 12:11 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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कुतुबपुर में राजकीय इंटर कॉलेज की इमारत। संवाद
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सरसावा। सरकारी उपेक्षा के चलते सरसावा क्षेत्र के पहले राजकीय इंटर कॉलेज में तीन करोड़ रुपये की लागत से इमारत बनने के एक साल बाद भी शिक्षण सत्र शुरु नहीं हो सका है। शिक्षकों एवं स्टाफ की तैनाती नहीं होने के कारण इमारत में ताला लटका है। इसके चलते विद्यार्थियों को महंगी फीस देकर निजी स्कूलों में पढ़ना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने अविलंब शिक्षण सत्र शुरु कराने की मांग की है।
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क्षेत्र के ग्राम कुतुबपुर में वर्ष 2016-17 में सपा सरकार के दौरान स्वीकृत हुए राजकीय इंटर कॉलेज का भाजपा सरकार के दौरान दो करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से निर्माण किया गया था। ग्राम समाज की 21 बीघा जमीन में राजकीय इंटर कॉलेज के लिए शिक्षण कक्ष, वाचनालय, प्रयोगशाला, कार्यालय, स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कक्ष सहित 26 कमरों का विशाल भवन वर्ष 2022 मेें बनकर तैयार हो गया था। परंतु एक साल बाद भी इस राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षण सत्र आरंभ नहीं हो पाया है। ना तो यहां स्टाफ की तैनाती हुई और ना ही फर्नीचर एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुआ इंटर कॉलेज का भवन वीरान पड़ा है।


ग्राम कुतुबपुर के निवासी शिक्षक अश्वनी चौहान ने कहा कि इस जमीन में कमेटी द्वारा संचालित जूनियर हाई स्कूल चल रहा था जो राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण आरंभ होने के कारण बंद हो गया था। समस्या यह है कि इंटर कॉलेज भी आज तक नहीं चल पाया है। इससे बच्चों का भविष्य धर में लटका है।
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गांव के निशांत चौहान ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण बीते वर्षों में कई बार रुका। परंतु पिछले वर्ष से यह भवन पूरी तरह बनकर तैयार खड़ा है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि बच्चों का भविष्य ध्यान में रखते हुए इसका जल्द से जल्द संचालन होना चाहिए।


पूर्व प्रधान कमल राणा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि इसमें रुचि लेकर जल्द से जल्द शिक्षकों की तैनाती कराएं। जिस क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो।

राजकमल राणा ने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षण सत्र आरंभ नहीं होने का जिम्मेवार शिक्षा विभाग भी है जो करोड़ों रुपए की लागत को यूं ही जाया कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही ग्रामीणों के साथ बैठक कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
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