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Noida News: ई-साइकिल परियोजना के क्रियान्वयन की जांच शुरू

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-दो साल में साइकिलों का संचालन शुरू हुआ न आम जनता को सुविधा मिली
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-एजेंसी ने प्रचार के लिए यूनिपोल तो लगवाए, लेकिन नहीं शुरू किया काम

योगेश तिवारी,

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में ई-साइकिल परियोजना को लेकर जांच शुरू हो गई है। दो साल तीन महीने गुजरने के बाद भी इस योजना में ई-साइकिल का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। परियोजना का प्रभार संभाल रहा नोएडा ट्रैफिक सेल एजेंसी पर कार्रवाई भी नहीं कर पाया है। जूनियर इंजीनियर से लेकर वरिष्ठ प्रबंधक तक धरातल पर उतर कर परियोजना की हकीकत नहीं देख रहे हैं न ही संचालन शुरू करवा पाए हैं। हालांकि चयनित एजेंसी ने प्रचार के लिए यूनिपोल लगवाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन संचालन कार्रवाई से पीछे हट रही है। यह देखते हुए प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि या तो ई-साइकिल सुविधा का संचालन हो या फिर इस परियोजना को बंद कर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जांच को एसीईओ ने ई-साइकिल परियोजना की फाइल नोएडा ट्रैफिक सेल से मंगवा ली है।

नोएडा के स्थापना दिवस पर हुआ था लोकार्पण
बात अगर ई-साइकिल परियोजना की करें तो 17 अप्रेल 2023 को नोएडा स्थापना दिवस के मौके पर प्राधिकरण ने लोकार्पण करवाया था। 21 स्टैंड से साइकिल सुविधा शुरू करवाने का दावा था। इसके बाद 10 दिन में सुविधा 31 स्टैंड से शुरू हो जानी थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस सबके बावजूद प्राधिकरण ने 31 और स्टैंड फिर उसी एजेंसी को सौंप दिए। यह 62 स्टैंड नोएडा प्राधिकरण करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए थे। मौजूदा स्थिति यह है कि कुछ एक स्टैंड पर ही साइकिलें हैं।
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एजेंसी ने आरएफपी में साइकिल स्टैंड की जगह नहीं देखी थी क्या-

परियोजना की पड़ताल में एसीईओ ने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों से सवाल किए। इस पर इंजीनियरों ने जवाब दिया कि एजेंसी ने कुछ साइकिल स्टैंड की जगह बदलने की सिफारिश की है। एसीईओ ने सवाल किया क्या एजेंसी ने परियोजना लेने से पहले प्राधिकरण की तरफ से जारी किए गए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में साइकिल स्टैंड की जगह नहीं देखी थी। इसका जवाब संबंधित इंजीनियर नहीं दे पाए।
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कोट-

ई-साइकिल परियोजना की जांच की जा रही है। फाइलों को ट्रैफिक सेल से मंगवाया गया है। परियोजना शहर के लिए कितनी उपयोगी साबित हो रही है इसका अध्ययन किया जाएगा। फिर प्राधिकरण फैसला लेगा।
- सतीश पाल, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
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