इंटरनेशनल डॉग डे-
- ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में अब तक नहीं बन सके है फीडिंग प्वाइंट
-ग्रेनो में नहीं है एक भी शेल्टर होम, कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के इंतजाम भी सीमित
-बढ़ रहीं कुत्तों के हमलों की घटना, खाना खिलाने को लेकर आपस में भिड़ रहे निवासी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कुत्तों को इंसान का सबसे सच्चा व वफादार दोस्त माना जाता है, लेकिन इस समय कुत्ते को लेकर संग्राम मचा हुआ है। हर तरफ डॉग लवर्स और अन्य लोगों के बीच विवाद हो रहे हैं। खाना खिलाने पर भी मारपीट हो रही हैं। विवादों को रोकने के लिए तरह-तरह के नियम लागू किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी समस्या बढ़ती जा रही है। जिम्मेदार नियमों का पालन कराने में असफल साबित हो रहे हैं। यहीं कारण है कि ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटियों में अब तक फीडिंग प्वाइंट तक नहीं बने हैं। यही नहीं, एक भी सरकारी शेल्टर होम नहीं हैं।
हर वर्ष इंटरनेशनल डॉग डे पर 26 अगस्त को कुत्तों को बचाने और उनके कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट में यह विवाद का कारण बन गया है। यहां 150 से अधिक सोसाइटियां हैं। जहां पालतू के साथ-साथ लावारिस कुत्तों की काफी संख्या हैं। विवाद को खत्म करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने करीब एक साल पहले डॉग पॉलिसी को लागू किया था। जबकि मई में विस्तृत आदेश जारी किया था। इसमें सोसाइटियों के अंदर फीडिंग प्वाइंट बनाने का आदेश दिया। एओए या रखरखाव प्रबंधन और डॉग लवर्स मिलकर फीडिंग प्वाइंट बनाने थे, लेकिन अब तक ज्यादातर सोसाइटी में फीडिंग प्वाइंट नहीं बन सके है।
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नाममात्र की हो रही टीकाकरण व नसबंदी
डॉग लवर्स का कहना है कि प्राधिकरण लावारिस कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण करा रहा हैं, लेकिन वो केवल नाममात्र की हो रही है। पिछले चार साल में करीब 10 हजार कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण कराया जा सका है। जबकि यहां पर संख्या बढ़ाने की जरुरत है। तभी सोसाइटी में संख्या कम होंगी।
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अकेले करा चुकी है 2.50 लाख कुत्तों की नसबंदी
डॉग लवर्स कावेरी राणा ने बताय कि पिछले 12 साल से ग्रेटर नोएडा और नोएडा में लावारिस कुत्तों की देखभाल करने का काम कर रही है। इस दौरान 10 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी करा चुकी हैं। जबकि 15 हजार से अधिक का टीकाकरण करा चुकी हैं। उनके शेल्टर में इस समय 150 से अधिक कुत्ते हैं। उनका कहना है कि विवाद खत्म करने के लिए दोनों पक्ष को अपना नजरिया बदलना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में भी एक आदेश दिया था, लेकिन उसका अब तक पालन नहीं कराया जा सका।
प्राधिकरण बनाने जा रहा डॉग शेल्टर
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद ग्रेनो प्राधिकरण शहर में तीन जगह पर डॉग शेल्टर होम बनाने की तैयारी की है। इसके लिए एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसमें जमीन खुद प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा। इसके बाद एजेंसी यहां अस्थाई निर्माण कर शेल्टर होम और नसबंदी कार्यक्रम चलाएगी।
क्यों मनाया जाता है इंटरनेशनल डॉग डे
इंटरनेशनल डॉग डे कुत्तों के साथ इंसानों के विशेष संबंध को सम्मानित करने, कुत्तों को गोद लेने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उन बेघर और दुर्व्यवहार किए गए कुत्तों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2004 में पालतू जीवनशैली विशेषज्ञ कोलीन पैज ने इसकी शुरुआत की थी। इस दिन उनके घर पर पहला गोद लिया कुत्ता आया था। इस कारण यह दिन तय किया गया।