गोंडा। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के फर्जीवाड़े की इंटेलिजेंस ने जांच शुरू कर दी है। जांच टीम फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड रवि वर्मा के साथ ही पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। इंटेलिजेंस टीम देवीपाटन मंडल के नेपाल सीमा से सटे बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती भी पहुंची। इन तीन जिलों में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि रवि किन-किन लोगों के संपर्क में रहा और कैसे पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। उसका नेपाल से क्या जुड़ाव है?
यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को हरदोई के ग्राम पंचायत अधिकारी सुभाष नगर को लखनऊ के दुबग्गा के पास से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर टीम ने गोंडा के मोतीगंज के पिपरा भिटौरा गांव में छापा मारकर रवि वर्मा, उसके भाई सोनू वर्मा, गांव के साथी बंशराज वर्मा व सत्यरोहन वर्मा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 25 फर्जी जन्म व पांच मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य अभिलेख बरामद हुए।
पूछताछ में सभी ने बताया कि फर्जी वेबसाइट के जरिए अब तक 1.65 लाख जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर चुके हैं। प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े की खबर आने के बाद विशेष अभिसूचना इकाई ने भी जांच शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार रवि पहले गोंडा के लोगों का ही फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर कमाई करता था। बाद में उसने प्रमाणपत्र जारी करने का दायरा भी बढ़ा दिया। बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती तक उसने लोगों से संपर्क बनाया।