संवाद न्यूज एजेेंसी
जगाधरी। शिक्षा निदेशालय अमान्य स्कूलों के प्रति सख्त रूख अपनाए हुए है। इसके चलते निदेशालय ने प्रदेश के ऐसे सभी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए हैं। वहीं, अब निदेशालय पोर्टल के बाद स्कूल भी बंद करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निदेशालय ने सभी जिलों से उनके यहां बंद पोर्टल वाले स्कूलों की जानकारी मांगी है।
निदेशालय के आदेश पर जिला विभाग ने सभी स्कूलों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही इन स्कूलों के बंद होने से करीब 15,000 विद्यार्थियों की एक साल की पढ़ाई पर तलवार लटक गई है। पोर्टल बंद होने से इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के दाखिले भी रद्द हो जाएंगे। ऐसे में इन स्कूलों के विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
जिला शिक्षा विभाग ने निदेशालय के आदेश के बाद अब तक करीब तीन दर्जन स्कूलों की सूची तैयार कर ली है। विभाग के अनुसार जिले में चार दर्जन से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं, जिनके पोर्टल निदेशालय की ओर से बंद किए हैं। सत्र शुरू होने से पहले ही निदेशालय ने इसके आदेश दिए थे। आदेश में जिला विभाग को ऐसे स्कूलों में दाखिले न होने देने व अमान्य स्कूलों की सूची सार्वजनिक करने को कहा गया था।
जिला विभाग ने इसमें कुछ नहीं किया। अब निदेशालय की सख्ती के बाद जिला विभाग भी हरकत में आ गया है। इससे अभिभावक चिंता में आ गए हैं। चूंकि यदि विभाग इन स्कूलों पर कार्रवाई करता है तो उन्हें दूसरे स्कूल में अपने बच्चों को भर्ती करवाना होगा, परंतु अब दाखिले बंद हो चुके हैं। यही नहीं इन स्कूलों की एसएलसी (स्कूल छोड़ प्रमाणपत्र) भी बोर्ड ने अमान्य कर दिया है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का कहीं दाखिला नहीं हो पाएगा और उन्हें नए सत्र में एक कक्षा पीछे दाखिला लेना होगा। इससे विद्यार्थी दो साल पीछे चले जाएंगे।
जिले में 40 अमान्य स्कूल
जिले में 40 स्कूल बिना विभाग की अनुमति के चल रहे हैं। इन स्कूलों में करीब 15,000 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों के पास बोर्ड व शिक्षा निदेशालय की अनुमति नहीं है। हरियाणा बोर्ड ने सत्र से पहले इनकी सूची जारी की थी। वहीं, निदेशालय ने इन स्कूलों में दाखिले न करने के आदेश दिए थे। परंतु जिला विभाग की लापरवाही के कारण निदेशालय व बोर्ड के आदेश बेमानी हो गए।
जिले के तमाम स्कूलों के दस्तावेज जांच जा रहे हैं। अमान्य स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जो निदेशालय भेजी जाएगी। ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। निदेशालय के आदेशों के बाद ऐसे स्कूलों पर ताला लगाया जाएगा। - प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।