फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: दुष्कर्म के दोषी बाबा राजिंदर सिंह को अंतरिम राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
-दुष्कर्म और छेड़खानी के मामले में सात साल की हुई है सजा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म और छेड़खानी के मामले में सात साल की सजा काट रहे आरोपी राजिंदर सिंह उर्फ ‘बाबा’ की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि अपीलकर्ता ने अपनी सजा का आधे से अधिक हिस्सा पूरा कर लिया है और अपील की सुनवाई में समय लगेगा। कोर्ट ने अपीलकर्ता को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया।
अपीलकर्ता के वकील रवि दराल ने अदालत में कहा कि पीड़िता की धारा 164 सीआरपीसी के बयान में कोई आरोप नहीं था और जेल में उसका आचरण संतोषजनक रहा। वह चार बार अंतरिम जमानत पर रिहा हुआ और इसका दुरुपयोग नहीं किया। राज्य की ओर से पेश वकील ने याचिका का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने अपील की योग्यता पर अंतिम फैसला बाद में सुनाने को कहा। अदालत ने कहा कि पीड़िता ने ट्रायल कोर्ट से मिला मुआवजा प्राप्त कर लिया है। अपील अब 27 जनवरी 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला
मामला 6 सितंबर 2015 का है। पीड़िता अपनी मां के साथ इलाज के लिए राजिंदर सिंह के घर गई थी। आरोप है कि बाबा ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और उसका यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद पीड़िता और उसके पिता हिंदू राव अस्पताल गए, जहां प्रारंभ में आंतरिक मेडिकल जांच के लिए सहमति दी गई, लेकिन बाद में मना कर दिया। कोई फॉरेंसिक रिपोर्ट या आंतरिक मेडिकल जांच नहीं हुई। ट्रायल कोर्ट ने 10 दिसंबर 2020 को राजिंदर सिंह को धारा 376 आईपीसी के तहत 7 साल कठोर कारावास और धारा 354 आईपीसी के तहत 2 साल की सजा सुनाई थी, साथ ही 50,000 रुपये जुर्माना। धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत उसे बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें