चार पर हत्या व साक्ष्य नष्ट करने और तीन पर साक्ष्य नष्ट करने व झूठी जानकारी देने का केस चलाने के पर्याप्त साक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने कंझावला हिट एंड रन मामले में सात लोगों के खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि चार आरोपियों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य नष्ट करने और तीन के खिलाफ साक्ष्य नष्ट करने व झूठी जानकारी देने का मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। कंझावला में 20 वर्षीय युवती के कार में फंसने के बाद उसे काफी दूर तक घसीटा गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। अदालत ने आधिकारिक तौर पर आरोप तय करने के लिए 14 अगस्त तय की है।
रोहिणी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरज गौड़ ने कार में सवार अमित खन्ना, कृष्ण, मनोज मित्तल और मिथुन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120बी (साजिश), 201 (सबूत मिटाना या अपराधी को शरण देने के लिए झूठी जानकारी देना) और 212 (आरोपी को शरण देना) के तहत आरोप तय करने को कहा है। अमित खन्ना पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का भी आरोप लगाया गया है। अदालत ने तीन अन्य सह आरोपी आशुतोष भारद्वाज, अंकुश और दीपक खन्ना को आपराधिक साजिश के आरोप से मुक्त कर दिया, लेकिन आईपीसी की धारा 182 (झूठी जानकारी देने), 34 (साझा मंशा), 201 और 212 के तहत आरोप तय करने को कहा है। दिल्ली पुलिस ने दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल को 2 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सहआरोपी आशुतोष भारद्वाज और अंकुश को बाद में एक मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने जमानत दी थी, जबकि अदालत ने दीपक खन्ना को 13 मई को यह राहत प्रदान की थी। पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ 1 अप्रैल को 800 पेज का आरोपपत्र दायर किया था। बाद में मामला सत्र अदालत को भेजा दिया था।