कुरुक्षेत्र। योगाश्रम मिर्जापुर में शंख प्रक्षालन क्रिया के लिए योगासन करते भारतीय योग संस्थान
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कुरुक्षेत्र। भारतीय योग संस्थान जिला इकाई की ओर से 26 अक्तूबर को प्रातः छह बजे योगाश्रम मिर्जापुर में शंख प्रक्षालन क्रिया करवाई जाएगी। इसके लिए सभी स्थानीय योग जिलों के अधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
संस्थान की हरियाणा प्रांत इकाई के प्रांतीय संगठन मंत्री गुलशन कुमार ग्रोवर ने बताया कि शंख का अर्थ है पेट या आंतें और प्रक्षालन का अर्थ है धोना। इस क्रिया से अंत:वाहिनी नली कंठ से गुदा तक शुद्ध हो जाती है। शंख प्रक्षालन क्रिया वर्ष में केवल दो बार बदलते मौसम में ही की जा सकती है।
इस समय मौसम इस क्रिया के लिए अनुकूल है। शंख प्रक्षालन एक ऐसी यौगिक शारीरिक शुद्धि क्रिया है जिसमें पानी पीकर कुछ सरल से योगासन किए जाते हैं और 5-6 बार मल निष्कासन के लिए शौचालय जाना होता है।
आधे घंटे के शव आसन के पश्चात सभी को देसी घी से तर खिचड़ी खिलाई जाती है। शव आसन और देसी घी की खिचड़ी खाना उतना ही आवश्यक है जितना क्रिया करना। इस क्रिया से पेट के रोग, फेफड़े, वात-पित्त-कफ के रोग, गर्मी से होने वाले रोग, सर्दी-जुकाम, नेत्र संबंधी विकार व सिर दर्द इत्यादि रोग ठीक होते हैं। यह क्रिया करने के लगभग छह महीने बाद तक पेट ठीक रहता है और हमारी साधना में भी निखार आता है।