-6-8 अगस्त को आयोजित मेले में 200 से ज्यादा कंपनियां दिखाएंगी दम
-टिकाऊ जूते से लेकर 3-डी प्रिंटिंग तक होगा मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत मंडपम में 6 से 8 अगस्त लग रहे भारतीय अंतरराष्ट्रीय फुटवियर मेले (आईआईएफएफ) में भारत के जूता उद्योग की ताकत को दुनिया देखेगी। यह मेला न सिर्फ फुटवियर उद्योग में भारतीय शिल्प और आधुनिक तकनीक के प्रयोग को दिखाएगा, बल्कि निर्यात की नई संभावनाओं को भी उजागर करेगा।
भारत का फुटवियर उद्योग दुनिया में अपनी धाक जमा रहा है और नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा आईआईएफएफ इसका सबसे बड़ा सबूत होगा। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन फुटवियर इंडस्ट्री (सीआईएफआई) के सहयोग से होने वाले इस मेले में 200 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी। इसमें जापान और ताइवान जैसे देशों की कंपनियां भी शामिल होंगी। सोमवार को आईटीपीओ के विशेष कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष कोंडिल्य ने सीआईएफआई के प्रतिनिधियों के साथ भारत मंडपम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फुटवियर मेले के आयोजन से जुड़ी जानकारी साझा की है।
3-डी प्रिंटेड, हस्तशिल्प से बने जूते होंगे
हॉल 5 जीएफ में चमड़ा, पीवीसी, ईवीए, फैब्रिक सोल्स, चिपकने वाले रसायन और एसेसरीज जैसे सामान दिखेंगे, हॉल 6 में जूते और मशीनरी होगी। इसमें 3-डी प्रिंटेड और हस्तशिल्प से बनाए गए जूते शामिल होंगे।
भारत दूसरा सबसे बड़ा जूता उत्पादक देश
भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जूता उत्पादक देश है, जो हर साल 2.6 अरब जोड़ी जूते बनाता है। यह वैश्विक उत्पादन का 13 फीसदी है। यह मेला भारतीय उद्योग की ताकत को दिखाएगा।