- गुरुग्राम में क्रीड़ा भारती की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बोले सांसद, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रदर्शन में एआई की भूमिका बताई अहम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भारतीय ज्ञान परंपरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समन्वय से भारत खेलों के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर सकता है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण और रणनीति निर्माण में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है, इसलिए नई तकनीक को अपनाना समय की आवश्यकता है। यह बात सांसद कार्तिकेय शर्मा ने गुरुग्राम में क्रीड़ा भारती की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में कही। खेलों में भारतीय ज्ञान प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका विषय पर आयोजित संगोष्ठी में देश-विदेश के खिलाड़ी, खेल विशेषज्ञ, प्रशिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हुए।
सांसद ने कहा कि हरियाणा ने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश को सर्वाधिक पदक दिलाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय खेल जगत के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा। उन्होंने भारतीय सात्विक जीवनशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जरूरी पोषण केवल मांसाहार में ही नहीं, बल्कि भारतीय शाकाहारी भोजन में भी उपलब्ध है। योग, अनुशासन, संतुलित आहार और निरंतर अभ्यास खिलाड़ियों की सफलता के प्रमुख आधार हैं। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की खेलो इंडिया जैसी योजनाओं से देशभर की नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। आज भारत केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि कुश्ती, बॉक्सिंग, हॉकी, वॉलीबॉल सहित कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना था कि विकसित भारत के निर्माण में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है और भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लिए तकनीक, परंपरा और प्रतिभा तीनों का समन्वय आवश्यक है।