विनीत चतुर्वेदी
लखनऊ। मानसिक विकार, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी महामारी ने आधुनिक विश्व को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। भारत के पास इन वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान है। ये बातें सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक डाॅ. शेखर सी. मांडे ने अमर उजाला से बातचीत में कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राचीनकाल से योग और मेडिटेशन है, जिनसे मानसिक अवसाद, हृदय रोग पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पाया जा सकता है। चिकित्सा विज्ञान ने इसे प्रमाणित किया है। डाॅ. शेखर दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि भारत में कालाजार, पोलियों, चिकन पाॅक्स जैसी घातक बीमारियां तो खत्म हो गईं, लेकिन मानसिक विकार, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी महामारियां चिकित्सा विज्ञान के आगे चुनाैती बन कर खड़ी हो गई हैं।
भारत के प्राचीन योग, मेडिटेशन , संतुलित आहार व दिनचर्या से इन तमाम रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण की अनदेखी को पूरी मनुष्यता के लिए चुनाैती बताया। उन्होंने युवाओं से भारत के प्राचीन मूल्यों की ओर लाैटने और बुद्ध व महात्मा गांधी के सिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
हृदयाघात के कोविड कनेक्शन पर शोध की जरूरत
युवाओं में बढ़ रहे हृदयाघात और आकस्मिक माैतों के कोविड कनेक्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर अभी शोध करने की जरूरत है। इंडियन काउंसिल फाॅर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) जैसी केंद्रीय संस्थाओं को इसमें आगे आना चाहिए।