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भारत सुपरपॉवर नहीं दोबारा बनना चाहता है जगतगुरु : सुधांशु त्रिवेदी

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- जेएनयू में '''' भारत की मूल स्थिति को पुनः प्राप्त करना और भारत को तोड़ने वाली ताकतें '''' विषय पर किया जनसंवाद
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में एबीवीपी जेएनयू इकाई ने '''' भारत की मूल स्थिति को पुनः प्राप्त करना और भारत को तोड़ने वाली ताकतें '''' विषय पर जनसंवाद आयोजित किया। इसमें बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने छात्रों से कहा कि भारत सुपरपाॅवर की बजाय दोबारा जगतगुरु बनना चाहता है। क्योंकि सुपरपाॅवर से लोग डरते हैं, लेकिन अपने गुरु से सभी सहज होते हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण बंद मेस टॉक कल्चर की बृहस्पतिवार रात से शुरुआत हो गयी। यहां सुधांशु त्रिवेदी ने विश्वविद्यालय के माहौल देखकर अपने छात्र जीवन को याद किया और कहा कि वामपंथी कभी उदारवादी नहीं हो सकते। दुनिया में कोई ऐसा साम्यवादी देश नहीं है, जहां मस्जिद पर पाबंदी ना हो। वर्तमान में भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में चाइना के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा निर्माता है। इन्वेस्टमेंट के मामले में भारत ने अमेरिका को पछाड़कर विश्व में पहला पायदान हासिल कर लिया है।
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सुधांशु ने बताया कि जब 2014 में भारत यूनाइटेड नेशन में योग दिवस को लेकर प्रस्ताव लाया था तो उसमें से 170 देश इसके प्रस्तावक बने थे जिसमें से 42 मुस्लिम देश थे। वहीं भारत रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जो वर्तमान में यूक्रेन और रसिया दोनों से बात करने का सामर्थ्य रखता है। यहां से भारत में न सिर्फ अपने देश के लोगों को निकाला बल्कि 19 अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित उनके घर पहुंचाया था। उन्होंने उदाहरण दिया कि जब 2008 में ओबामा अपने चुनाव का प्रचार कर रहे थे तब उन्होंने कहा था हमें अपने बच्चों को मानसिक स्तर पर मजबूत करना है क्योंकि अमेरिका के लोगों को भारत के लोगों के साथ बुद्धिमत्ता पर मुकाबला करना है।
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