रिकॉर्ड में 800 पौधे, मौके पर एक भी नहीं मिले
ग्रेटर नोएडा। छांयसा गांव में पिछले दिनों मनरेगा में धांधली की शिकायत पर लोकपाल मेरठ मंडल ने निरीक्षण किया था। मौके पर जांच में कार्यों से असंतुष्ट लोकपाल ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा है। लोकपाल ने लोगों की शिकायतें सुनीं और पड़ताल भी की। पता चला कि गांव में 450 से अधिक श्रमिक हैं, लेकिन उनका जॉब कार्ड नहीं है। मनरेगा के तहत गांव में पौधरोपण, तालाब के सौंदर्यीकरण का काम कराया जाता है। रिकॉर्ड में 800 पौधे लगाए गए, लेकिन निरीक्षण के दौरान एक भी स्थान पर पौधे नहीं मिले। लोकपाल ने बताया कि निरीक्षण से एक दिन पहले बीडीओ व ग्राम प्रधान को सूचना दे दी थी। इसके बाद भी बीडीओ नहीं पहुंचे। बड़ी बात यह है कि निरीक्षण से एक दिन पहले प्राथमिक स्कूल में कुछ पौधे रोपित कर दिए गए। इसकी वीडियो रिकार्डिंग की गई है।
ज्यादातर शिकायतें पैसे नहीं मिलने की
मनरेगा लोकपाल कोे जिले से करीब 110 शिकायतें मिली हैं। ज्यादातर शिकायतें काम के बाद मेहनताना नहीं मिलने की हैं। शादीपुर छिडोली गांव में एक अनपढ़ महिला से फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाकर पैसे नहीं देने का मामला भी संज्ञान में आया है। लोकपाल ने बताया कि निरीक्षण में कार्य स्थल पर नागरिक सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। जबकि काम खत्म होते ही सूचना बोर्ड लगाने का नियम है। ताकि ग्रामीणों को मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी मिल सके।
छांयसा में मनरेगा के कार्यों से सहमत नहीं हूं। श्रमिकों के जॉब कार्ड भी नहीं बनाए गए। नागरिक सूचना बोर्ड भी लगा नहीं मिला। जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। मजदूरों को उनका हक दिलाया जाएगा।
अंशु त्यागी, मनरेगा लोकपाल, मेरठ मंडल