नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होटलों और अन्य भवनों के कथित अवैध और अनाधिकृत निर्माण की जांच करने से संबंधित दायर याचिका खारिज कर दी। एनजीटी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अखबारों में छपी रिपोर्टों को आधार बनाते हुए याचिका दायर की है और इससे संबंधित ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए।
दिल्ली के राजीव सुरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिका बेहद अस्पष्ट और सिर्फ अखबारों में प्रकाशित खबरों पर आधारित है, जिनका कोई सत्यापन नहीं किया गया है। कथित रूप से उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को पक्ष नहीं बनाया गया है। आवेदन में कार्रवाई के लिए ऐसी कोई वजह नहीं दी गई है। आरोपों का संकलन है, जिसमें कोई तथ्य नहीं है और न ही संबंधित पक्षों को इसमें शामिल किया गया है, ऐसे में आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता है। एनजीटी (पद्धति व प्रक्रिया) नियम, 2011 में आवेदन देने की प्रक्रिया तय है।
पीठ ने कहा कि याचिका में हाईकोर्ट के कई आदेशों का संदर्भ दिया गया है, लेकिन वे आदेश उपलब्ध नहीं है। जब तक कि वे आदेश उपलब्ध नहीं होते हैं, समान मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई और अलग-अलग फैसले आने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता है। इसलिए खारिज की जाती है।