बौरब्यास गांव में धर्मराज के रोते बिलखते परिजन-संवाद
धर्मसिंहवा। आत्महत्या कर लिए धर्मराज ने अपनी बहन अर्पिता से फोन पर बताया था कि वह मरने जा रहा है। ऐसा सुनकर बहन अर्पिता ने बड़ी भाभी से सारी बात बताई और धर्मराज के बारे में पूछने लगी। भाभी ने अर्पिता से बताया कि धर्मराज ऊपर वाले कमरे में है और सब कुछ ठीक-ठाक है लेकिन कुछ घंटे बाद उसके आत्मघाती कदम उठा लिए जाने की सूचना उसे प्राप्त हुई। घटना सुनते ही वह लखनऊ से चल दी और भोर में पहुंची। सोमवार को पुलिस शमन लेकर पहुंची थी और धर्मराज की मां से नोकझोंक भी हुआ था।
बौरब्यास निवासी मृतक धर्मराज की बहन अर्पिता और मां मीरा देवी ने बताया कि सोमवार की शाम दो पुलिस वाले आए थे और कुछ कागज लिए थे, कह रहे थे इस पर दस्तखत कराना है। इस पर मां काफी नाराज भी हुई थीं, बाद में पता चला कि न्यायालय से शमन आया है। धर्मराज के देर से आने से उसकी मां मीरा काफी नाराज हुई और रास्ते में ही उसे फटकारने लगी। दोनों ने बताया कि इस दौरान धर्मराज ने मां के ऊपर हाथ भी उठा दिया था। जिस पर मां ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त किया था।
इसके बाद वह घर आ गया था और फोन पर अपने बहन अर्पिता से बात की थी। अर्पिता ने बताया कि उसका भाई ठीक-ठाक ढंग से रहता था। वह कभी कभार नशा कर लेता था। जिस वजह से गांव के कुछ लोग जलते थे और बेवजह उसे मुकदमे में फंसा दिए थे। उसने बताया कि घटना का सबसे बड़ा कारण सोमवार को पुलिस का नोटिस लाना रहा। जिस पर वह और आक्रोशित हो गया था। संवाद
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तीन मुकदमे में आरोपी था धर्मराज
धर्मराज के ऊपर गांव के ही तीन लोग मारपीट गाली देने से संबंधित मुकदमा दर्ज कराए हुए थे। जिनमें से दो लोगों के ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस सोमवार की रात में दर्ज हुआ है। पूर्व में दर्ज हुए इन्हीं में से एक मुकदमे का नोटिस सोमवार को पुलिस तामिल कराने गई हुई थी। हालांकि धर्मराज के पक्ष की तरफ से भी दो लोगों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज कराया गया था। तामिल कराने आए मुकदमे में 25 सितंबर को पेश होने की तारीख है। जिसमें धर्मराज, उसके पिता फूलचंद, बहन अर्पिता व भाई शिवम आरोपी हैं।