स्पोर्ट्स सिटी के ले-आउट बदलाव पर नोएडा प्राधिकरण में हुई सुनवाई में लोगों ने दर्ज कराईं आपत्तियां
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के तीन प्लॉट के बदले हुए लेआउट प्लान में बदलाव पर आई आपत्ति-सुझाव पर मंगलवार से प्राधिकरण की समिति ने सुनवाई सोमवार से शुरू हुई। पहले दिन स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट-1 सेक्टर-150 व सेक्टर-152 की आपत्तियों पर सुनवाई हुई। इसमें किसी आपत्ति लगाने वाले ने प्राधिकरण अधिकारियों से कहा कि बिल्डर ने लेआउट का जो बदलाव प्रस्तावित किया है उसमें 12 मीटर चौड़ी सड़क ही गायब कर दी गई है। वहीं किसी ने वाणिज्यिक प्लॉट की संख्या बढ़ाए जाने की आपत्ति दर्ज करवाई। अब बुधवार को सेक्टर-78-79 की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। दो दिन में आपत्ति लगाने वाले जो नहीं पहुंच पा रहे हैं उनके समय मांगने पर प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार का समय दिया है। इस तरह तीन दिन सुनवाई होगी।
प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी की अध्यक्षता में समिति ने सातवें तल पर सुनवाई की। सेक्टर-150 के प्लॉट नंबर-1 के बदलाव पर लिए 75 और सेक्टर-152 के लिए करीब 50 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसमें सेक्टर-152 से 6-7 आपत्ति लगाने वाले लोग पहुंचे। वहीं सेक्टर-150 पर आपत्ति लगाने वाले 60 के करीब लोगों ने पहुंचकर अपना पक्ष प्राधिकरण अधिकारियों के सामने रखा। सुनवाई में बिल्डर पक्ष को भी प्राधिकरण से बुलाया गया था।
10 वर्षों से बनी सड़क हटाने पर आपत्ति
सेक्टर-150 के प्लॉट-1 को लेकर मोमनाथल गांव के किसानों ने आपत्ति दर्ज करवाई हुई है। रॉबिन कसाना ने कहा कि सेक्टर-150 में ए-3 से पी-9 होते हुए पी-2 ए तक 12 मीटर चौड़ी सड़क पिछले 10 वर्षों से आवागमन के उपयोग में लाई जा रही है। यह 12 मीटर सड़क प्राधिकरण ने बनवाई हुई है। संशोधित लेआउट में यह सड़क हटा दी गई है। इस सड़क से सेक्टर के साथ मोमनाथल गांव के निवासियों का भी आवागमन होता है। सचिन अवाना समेत अन्य किसानों ने भी गांव को जोड़ने वाले सेक्टर को प्रस्तावित लेआउट से हटाने को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है।
नक्शे में हटाई बाउंड्री वॉल
सेक्टर-152 से मुख्य रूप से वाणिज्यिक परियोजना के खरीदार आपत्ति दर्ज कराने प्राधिकरण पहुंचे। एटीएस किंगहुड ड्राइव के आवंटियों ने कहा कि वाणिज्यिक भू-उपयोग को चिन्हित जमीन का उपयोग एक परियोजना में हो चुका है। नए लेआउट प्लान में अन्य जगहों पर भी वाणिज्यिक भू-उपयोग दिखाया गया है। आवंटियों ने संशोधित नक्शे में बाउंड्री वॉल हटाने और उप-पट्टे वाले प्लॉटों के बीच विभाजन पर आपत्ति जताई है।
बिल्डरों की तरफ से प्रस्तुत किए गए संशोधित लेआउट प्लान पर आपत्ति लगाने वालों का पक्ष विस्तार से सुना जा रहा है। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा। बिल्डरों से भी जवाब मांगा जाएगा। -वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण