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Noida News: जैतपुर में सरयू के कटान में बही झोपड़ी, सूबेदारनगर माझा मार्ग पर भरा पानी

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- बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र के आठ गांव बाढ़ से प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिल्लूपार। सरयू और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से बड़हलगंज इलाके में आठ गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जैतपुर गांव में मनोज प्रसाद का छप्पर कटान में बह गया। बगल के सत्यदेव का पक्का मकान कटान के मुहाने पर है। सूबेदारनगर माझा माार्ग पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। कई गांवों के रास्तों पर पानी बहने की वजह से आवागमन बंद हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाके में तहसील प्रशासन ने छह नावें लगाई हैं। शनिवार को स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
राप्ती नदी का पानी कोठा-नवलपुर बांध से सटकर बहने लगा है। बाढ़ से प्रभावित पटना, कोलखास, ज्ञानकोल, बगहादेवार, जैतपुर, मुसाडोही, खैराटी, गोरखपुरा, कोटिया निरंजन, कोटिया दीपशाह, रामनगर समेत राप्ती नदी के तटवर्ती बसे लखनौरी, लखनौरा, सूबेदार नगर, हिंगुहार, जगदीशपुर, खोहिया पट्टी, आदि सभी गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। रामजानकी मार्ग से सूबेदारनगर माझा-बैरियाखास तक जाने वाले मार्ग पर बृहस्पतिवार को बाढ़ का पानी चढ़ गया था। सूबेदार नगर माझा के प्रधान सत्यसेन सिंह मंटू सहित अन्य ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से यहां एक नाव लगाने की मांग की है।
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तहसीलदार गोला सतेद्र कुमार मौर्य ने बताया कि राप्ती और सरयू नदी का जलस्तर तेजी बढ़ रहा है। बड़हलगंज ब्लाॅक क्षेत्र के आठ गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। ज्ञानकोल को जलमग्न घोषित कर दिया गया है। ज्ञानकोल, कोटियां निरंजन, खैराटी, बगहादेवार, जैतपुर में कुल छह नाव लगाई गई हैं। ज्ञानकोल में कटान हो रहा है। ग्रामीणों को गांव खाली करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
वहीं, क्षेत्र की ग्राम पंचायत छपिया उमराव के दक्षिणी छोर पर सरयू नदी कटान कर रही है। अब तक कटान से सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित हो चुकी है। ग्रामीण जयचंद यादव, गोलू यादव, डब्लू यादव, भीम यादव आदि का कहना है कि यदि कटान नही रुका तो गांव पर खतरा बढ़ जाएगा।
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बेलसर, पनघटिया-करमैनी तटबंधों का ड्रोन सर्वे
कैंपियरगंज। राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि, कटान स्थिति व तटबंधों की सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को बांधों का ड्रोन सर्वे कराया गया। ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता राम आशीष यादव ने बताया कि राप्ती नदी से संबंधित रिगौली- बेलसर, पनघटिया-करमैनी तटबंधों का ड्रोन सर्वेक्षण कराया जा रहा है। शनिवार को कोनी के पास ड्रोन सर्वे कराया जाएगा। वहीं, मछलीगांव में रोहिन नदी के कटान का खतरा मंडरा रहा है। तटबंधों पर बने रैटहोल और रेनकट को भरा जा रहा है। जेई आरके सिंह ने बताया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग की जा रही है। संभावित संवेदनशील स्थानों पर चौकीदारों को भी तैनात किया गया है।
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बाढ़ के पानी से घिरा प्राथमिक विद्यालय गायघाट, बच्चे घर लौटे

जंगल कौड़िया। रोहिन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इससे गायघाट, सेमरहवा, घोलहवा, पनेली, कुदरियहा, गेगटा और झगरहा के निचले इलाकों में पानी भर गया है। हर घंटे नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता और भय का माहौल है। गायघाट का प्राथमिक विद्यालय बाढ़ के पानी से घिर गया है। इसके चलते शुक्रवार को बच्चे लौट गए। प्रधानाध्यापिका ममता राय ने बताया कि शुक्रवार सुबह स्कूल के रास्ते पर कमर तक पानी भर गया। इसके बाद मजदूरों की मदद से जरूरी दस्तावेज और शिक्षण सामग्री को स्कूल से सुरक्षित निकाला गया।
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