जिले में नौकरी कर रहे प्रवासियों सहित करीब 25 लाख की आबादी है। इनमें बड़ी संख्या में लोग शराब के शौकीन हैं। यहां वर्ष 2020-21 में बीयर की खपत 1.63 करोड़ केन थी। वहीं, दो साल में यह बढ़कर 4.34 करोड़ केन पहुंच गई है। दूसरे नंबर पर देसी शराब की मांग अधिक है। वर्ष 2020-21 में देसी शराब की 1.58 करोड़ बोतल बिकी थीं। जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर 1.93 करोड़ बोतल हो गईं। हालांकि अंग्रेजी शराब की बिक्री में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है।
वर्ष 2020-21 में 84 लाख बोतलें (750 एमएल) बिकी थीं। जबकि वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर 1.25 करोड़ बोतल पहुंच गईं। विभाग को चालू वित्तीय वर्ष में शराब की खपत और बढ़ने की उम्मीद है। जिले में इस समय शराब की 535 दुकान हैं। इनमें देसी की 231, अंग्रेजी की 140, बीयर की 138 और 25 मॉडल शॉप शामिल हैं। बार और मॉल में भी दुकानों की संख्या 100 के पार हैं।
कम कीमत होने से भी बढ़ी बिक्री
एनसीआर में रहने वाले लोगों के पास पैसों की कमी नहीं है। हालांकि बीयर की कीमत कम होने से भी इसकी बिक्री बंपर हुई है। अब लोग दिल्ली जाने की जगह यहीं से बीयर और अन्य शराब खरीद रहे हैं। लोगों का शौक आबकारी विभाग का राजस्व पूरा कर रहा है।
| शराब |
वर्ष 2020-21 |
2021-22 |
2022-23 |
| अंग्रेजी |
8447008 |
11208709 |
12557840 |
| देसी |
11587821 |
15179701 |
19347874 |
| बीयर |
16301518 |
29128563 |
43453083 |
नोट: देसी शराब की मात्रा लीटर, अंग्रेजी शराब की मात्रा 750 मि.ली और बीयर की मात्रा 500 मि.ली की केन है।
पहले बीयर की कीमत अधिक थी, लेकिन अब कम होने से भी बिक्री बढ़ी है। गर्मी में बीयर की मांग भी अधिक रहती है। वहीं, दूसरे राज्यों से तस्करी कम होने के कारण देसी व अंग्रेजी की बिक्री बढ़ी है। -राकेश बहादुर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर