2020 में शुरू हुआ था काम फिर बंद हो गया था
चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना 2017 के पहले की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जनवरी 2019 को इसका शिलान्यास किया था। जून 2020 से इसका काम शुरू हुआ। तब परियोजना की लागत 650 करोड़ रुपये अनुमानित थी। तब 380 से ज्यादा पाइलिंग हुई थीं। एक पिलर में 12 से 22 तक पाइलिंग होती हैं। पाइलिंग को ऊपर मिलाकर पाइल कैप बनता है जिस पर फिर पिलर खड़े किए जाते हैं। इसके बाद अनुबंध के तहत 50 प्रतिशत राशि शासन से नहीं मिलने के कारण नवंबर 2021 में काम बंद हो गया था। काम शुरू करने के लिए प्राधिकरण की तरफ से करीब 70 करोड़ रुपये धनराशि भी लगा दी गई थी। इसके बाद परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी जून-2023 में मिली। फिर दो बार टेंडर कर दूसरे टेंडर में सेतु निगम ने एजेंसी का चयन कर मार्च में काम शुरू करवाया था।
चिल्ला एलिवेटेड रोड की नई डिजाइन जिसको मंजूरी मिली है वह अभी प्राधिकरण में दाखिल होनी बाकी है। हालांकि प्राधिकरण इंजीनियरों को इसकी मुख्य जानकारियां मिल गई हैं। छह लेन की सड़क 269 पिलरों पर बनाई जाएगी। शहदरा ड्रेन के साथ ही इसका निर्माण होगा। वाहनों के चढ़ने और उतरने के लिए 5 रैंप बनाए जाएंगे। मयूर विहार की तरफ से आने पर पहला रैंप सेक्टर-16 रजनीगंधा के सामने उतरेगा। यहीं से दूसरा रैंप चढ़ेगा जिससे वाहन महामाया फ्लाईओवर की तरफ जा सकेंगे। तीसरा रैंप सेक्टर-18 के सामने उतरेगा जिससे मयूर विहार की तरफ से आने वाले वाहन उतर सकेंगे।
छह लेन की सड़क, बनेंगे पांच रैंप
फिर चौथा रैंप महामाया फ्लाईओवर की तरफ से चलने पर पहला रैंप सेक्टर-16 ए के सामने डीएनडी की तरफ उतरेगा। इससे वाहन डीएनडी से या चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली की तरफ जा सकेंगे। पांचवां रैंप सेक्टर-16 बी के सामने से बनेगा जिससे चढ़कर वाहन मयूर विहार फ्लाईओवर की तरफ जा सकेंगे। पूरा एलिवेटेड 269 पिलर पर बनाया जाएगा।