महंगाई की इस मार ने रसोई के बजट को बिगाड़ा
मिर्च 120 रूपये प्रति किलो, नींबू 80, करेला, तोरई, टमाटर और बैगन का भाव 60 रूपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। परवल, लौकी, टिंडा, शिमला मिर्च, बींस, बोदी, काशीफल, कुंद्रू, फूल गोभी, बंद गोभी, खीरा, भिंडी जैसी हरी सब्जियों के दाम भी तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। महंगाई की इस मार ने रसोई के बजट को बिगाड़ दिया है।
बरसात ने सब्जियों पर डाला बुरा असर
स्वाद के साथ-साथ बजट में संतुलन बनाना फिलहाल मध्यम वर्गीय परिवार के लिए चुनौती बना हुआ है। जब तक मौसम और आपूर्ति की स्थिति नहीं सुधरती, तब तक थाली से कुछ पसंदीदा सब्जियां गायब रहने वाली हैं। जेवर मंडी के सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बरसात ने सब्जियों की फसल पर बुरा असर डाला है। जेवर के मंगरौली रोड के सब्जी विक्रेता राजपाल सिंह ने बताया कि बारिश के कारण सब्जी से लदे वाहनों को पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। आपूर्ति में हो रही परेशानी के कारण पिछले एक महीने की तुलना में सब्जियों के भाव चढ़ गए हैं।
सब्जी की कीमतें (रुपये प्रति किलो)
| सब्जी |
पहले |
अब |
| नींबू |
60 |
80 |
| करेला |
30 |
60 |
| शिमला मिर्च |
80 |
160 |
| भिंडी |
30 |
40 |
| टमाटर |
30 |
60 |
| काशी फल |
20 |
30 |
| बोदी |
30 |
50 |
| कुंदरू |
40 |
50 |
| खीरा |
30 |
40 |
| बैगन |
30 |
60 |
| बंद गोभी |
20 |
40 |
| फूल गोभी |
60 |
100 |
| मिर्ची |
20 |
120 |
| तोरई |
30 |
60 |
कुछ सब्जियां दे रहीं राहत
आलू, प्याज, काशीफल, लौकी जैसी सब्जियों के दाम अब भी अपेक्षाकृत सामान्य बने हुए हैं, जो लोगों को थोड़ी राहत दे रहे हैं।