- ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) के उद्यमियों ने जताई चिंता, बोले 15 दिन तक फैक्टरी बंद रखने का कर रहे विचार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। भारत सरकार को अमेरिकी टैरिफ का तत्काल समाधान करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिले के एमएसएमई इकाइयों पर ताला लटक जाएगा। कुछ उद्यमी अपने औद्योगिक इकाइयों को 15 दिन बंद रखने और 15 दिन काम करने की योजना तैयार करने में जुटे हैं। अमेरिका जाने वाला करीब 500 करोड़ का माल भी कंपनियों में रखे होने से उद्यमी परेशान हैं। बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में आयोजित अमर उजाला संवाद में उद्यमियों ने अमेरिकी टैरिफ से होने वाली परेशानियां साझा कीं।
उद्यमियों ने बताया कि विश्व के ज्यादातर देश का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका ही है। टैरिफ बढ़ने से उनके मॉल की कीमत उतनी है, लेकिन अमेरिका पहुंचने पर खरीदार को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में खरीदार के पास पहुंचने पर उत्पाद के प्राइस टैग पर छपी कीमत बढ़ जा रही है। यहां से जाने वाला माल अमेरिका में महंगा हो गया है। जबकि अन्य देश कम कीमत पर वहीं सामान भेज रहे हैं।
सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो अमेरिकी खरीदार दूसरे देशों से सामान मंगाना शुरू कर देंगे। इंजीनियरिंग, फर्नीचर, हैंडीक्रॉफ्ट, टैक्सटाइल उद्योगों पर सीधा असर पड़ेगा। इसका असर छह करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा। उद्यमियों का कहना है कि चीन में उद्यमियों को परेशानी हुई थी तो वहां की सरकार ने आर्थिक नुकसान की भरपाई की थी, लेकिन यहां सरकार कुछ नहीं कर रही हैं। अब सरकार अन्य देशों में व्यापार करने को बोल रही है, लेकिन वहां खरीदार तलाश करने में एक से डेढ़ साल का समय लग जाएगा।
अमेरिकी टैरिफ मामले में सरकार को जल्द कदम उठाने होंगे। नहीं तो बड़ी संख्या में उद्योगों पर ताले लग जाएंगे। कामगार बेरोजगार हो जाएंगे।-
भंवर सिंह, उद्यमी
वर्ष 2004 की 80 एचएससी योजना फिर से लागू होनी चाहिए। यहां सरकारी कार्यालय खुलाना चाहिए। जिससे योजना का जल्द लाभ मिल सके। -
क्षितिज कुमार, उद्यमी
अमेरिकी टैरिफ को लेकर अप्रैल से ही परेशानी होने लगी थी। अब इसका असर दिखा रहा है। अन्य देशों के कारोबार अचानक से नहीं हो सकता है। -
मोहम्मद आरिफ, उद्यमी
अगर सरकार ने उद्योगों की मदद नहीं की तो फिर छोटे उद्योगों को काफी नुकसान होगा। ताला लटक जाएगा। करोड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। -
विकास शर्मा, महासचिव चैंबर ऑफ एक्सपोटर्स
अमेरिकी टैरिफ पर सरकार के रवैये को लेकर एमएसएमई उद्यमियों में रोष हैं। निर्यात का लाभ सीधे उद्यमियों को मिलना चाहिए। -
शुभम किरोड़ीमल अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ एक्सपोटर्स
अमेरिका के टैरिफ से उद्योग समेत हर सेक्टर प्रभावित होगा। निर्यातकों के पास अरबों का माल फंसा है। सरकार ने मदद नहीं की तो भारी नुकसान होगा।-
अनूप शर्मा, उद्यमी
टैरिफ से इंजीनियरिंग, गारमेंट, हैंडीक्रॉफ्ट समेत अन्य उद्योगों पर सर पड़ा है। सरकर को अन्य देशों में लगने वाली प्रदर्शनी में आने-जाने का खर्च देना चाहिए।-
हरीश सिंह गौर