हॉस्टल में सामान की जांच नहीं होना और पर्याप्त कैमरों की कमी की बात आई सामने
मृतकाें के मोबाइल और रिवाल्वर पर फिंगर प्रिंट से खुलेगा बंद कमरे का राज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बिमटेक कॉलेज के हॉस्टल में गोली मारकर हत्या और आत्महत्या के मामले की जांच कर रही नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस अबतक यह नहीं पता लगा पाई है कि गोली पहले किसने चलाई। पुलिस हॉस्टल की लापरवाही की भी जांच कर रही है। अबतक की जांच में पुलिस को हॉस्टल के प्रवेश द्वार पर सामान की जांच नहीं होना व हॉस्टल कक्ष की गैलरी में पर्याप्त कैमरे की कमी जैसी लापरवाही मिली है। इसके अलावा हॉस्टल में रिवॉल्वर लाने वाले छात्र के परिजन को भी पुलिस नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाएगी। मामले में लापरवाही सिद्ध होने पर कार्रवाई की जांच सकती है।
नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के बिमटेक कॉलेज के आरसीआई विद्या विहार हॉस्टल में लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चलने से पीजीडीएम के छात्र दीपक कुमार की मौत हो गई थी। इलाज के दौरान दूसरे दिन घायल छात्र देवांश चौहान ने भी दम तोड़ दिया था। अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि कमरे के अंदर किसने किसको गोली मारकर आत्महत्या की। पुलिस केवल कमरे के हालात को देखकर कयास लगा रही है।
व्हाट्सएप चैट से मिल सकते हैं कई अहम सुराग
हॉस्टल में पढ़ने वाले एक छात्र ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि दीपक को यह बात पता थी कि देवांश के पिता पुलिस में रह चुके हैं। इस कारण ही उसके घर में रिवॉल्वर रहती है। वह कई बार मजाक-मजाक में भी देवांश से कहता है था कि उसके अन्य दोस्त और साथी उससे आगे निकल गए हैं। वह जिंदगी में काफी पीछे छूट गया है। आशंका है कि दीपक ने तो देवांश से कहकर हॉस्टल में रिवाल्वर मंगवाई। अगर दोनों के वाट्सएप चैट की जांच की जाए तो कई अहम सुराग मिल सकते है। पुलिस का कहना है कि दोनों छात्रों के मोबाइल को कब्जे में लिया गया है। इनमें लॉक लगा है। इस कारण इसे खोला नहीं जा सकता है। इसे खुलवाने के लिए फारेंसिक टीम की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही पुलिस को फिंगरप्रिंट की रिपोर्ट का इंतजार है। फिंगरप्रिंट से ही पता चल सकेगा कि गोली किसके हाथ से चली। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
छात्रों की नियमित काउंसलिंग के लिए बैठक करेगी पुलिस
नॉलेज पार्क में करीब 100 से अधिक छोटे-बड़े कॉलेज हैं। इनमें करीब ढाई लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते है। शारदा विश्वविद्यालय की घटना के बाद पुलिस की ओर से छात्रों की मनोचिकित्सकों की मदद से नियमित काउंसिलिंग कराए जाने को लेकर पूर्व में बैठक भी की गई थी। इसमें महज 28 कॉलेज के जिम्मेदार ही शामिल हुए थे। इस कारण पुलिस की ओर से फिर से इन कॉलेज के प्रबंधकों के साथ बैठक की जाएगी। पुलिस की ओर से जल्द ही इन्हें नोटिस दिया जा सकता है। वहीं, एसीपी ग्रेटर नोएडा विवेक रंजन का कहना है कि हॉस्टल में दो छात्रों की मौत के मामले में जांच जारी है। मोबाइल और अन्य बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। मामले में मृतक छात्र के परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। अबतक घटना का कारण नहीं पता चल पाया है। यह भी जांच की जा रही है कि पहले किस छात्र की गोली लगने से मौत हुई है।