लखनऊ। इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में राजकीय निर्माण निगम की ओर से बनवाए गए इंडोर और आउटडोर स्टेडियम की जांच होगी। जिलाधिकारी ने बुधवार को तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।
दरअसल संस्थान ने राजकीय निर्माण विभाग को इंडोर और आउटडोर स्टेडियम सहित कई और निर्माण कार्य दिए थे। मंगलवार को संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पांडेय व अन्य अधिकारियों ने राजकीय निर्माण विभाग की ओर से निर्माण कार्य में लेटलतीफी और गुणवत्ता को लेकर शिकायत की।
शासन के अफसर ने मामले में डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएम विशाख जी ने बताया कि बुधवार को राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को बुलाया गया था। उनसे हुई वार्ता के बाद तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें एडीएम सिटी, आईईटी सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष, और निर्माण निगम के एक अधिकारी को शामिल किया गया है। जांच कमेटी की जो रिपोर्ट होगी उसे आधार पर कार्रवाई कर शासन को अवगत कराया जाएगा।
बता दें कि संस्थान में लगभग 40 करोड़ खर्च कर इंडोर व आउटडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया है। किंतु थोड़ा ही काम बचा होने के कारण यह लगभग दो साल से सफेद हाथी बना हुआ है। पिछले दिनों कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने एक जांच कमेटी बनाकर काम की अद्यतन स्थिति जांची। इसके बाद फिर से बाकी पैसा भी निर्माण निगम को दिया। इसके बाद भी अभी तक निगम की ओर से काम नहीं शुरू किया गया है। इसी की शिकायत की गई है।