- पांच साल से लगा रहे प्राधिकरण और बिल्डर कार्यालय के चक्कर, 500 से अधिक परिवार परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। रजिस्ट्री कराने के लिए पांच साल से प्राधिकरण और बिल्डर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है। फ्लैट का कब्जा देते समय कहा गया था कि जल्द उनकी रजिस्ट्री शुरु करा दी जाएगी। वर्षों बीत गए अब तक रजिस्ट्री कराने के लिए बिल्डर आगे नहीं आ रहा है। ग्रेनो वेस्ट स्थित जेकेजी पाम कोर्ट सोसाइटी के निवासियों ने रविवार को अमर उजाला संवाद के दौरान ऐसे ही तमाम मुद्दे उठाए।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर से इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश करने पर वह आनाकानी करने लगता है। रजिस्ट्री नहीं होने से लोगों को मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि सोसाइटी में पिछले काफी समय से लोग बिल्डर से रजिस्ट्री शुरू कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्री शुरू होना तो दूर, बिल्डर की ओर से न तो कोई सीधा जवाब मिल रहा है और न ही बैठक का समय। आखिरकार मजबूर लोगों ने प्रदर्शन करने का रास्ता अपनाया और रैली निकालते हुए रजिस्ट्री की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि सबने जीवन की पूंजी बिल्डर को सौंप दी। उसके बाद भी उन्हें उनका ही हक नहीं मिल पा रहा है।
2020 में फ्लैट मालिकों को मिला था कब्जा
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में 500 से अधिक परिवारों को 2020 में फ्लैट मालिकों को कब्जा मिला था, जिनकी रजिस्ट्री अब तक नहीं हो पाई है। रजिस्ट्री न शुरू होने की वजह से बिल्डर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का करीब 22 करोड़ रुपये का बकाया है। रजिस्ट्री न होने के कारण रिसेल हो रहे फ्लैट पर बिल्डर 1000 से 1500 रुपये स्क्वायर फुट तक ट्रांसफर चार्ज वसूल कर रहा है। इससे निवासियों पर एक से दो लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
100 रुपये प्रतिदिन देना पड़ रहा अतिरिक्त चार्ज
निवासियों ने बताया कि सोसाइटी में कोई सुविधा नहीं मिल रही है। उसके बाद भी मेंटेेंनेंस वसूला जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि यदि कोई समय पर मेंटेंनेंस शुल्क देना भूल जाता है तो उससे प्रतिदिन 100 रुपये अतिरिक्त चार्ज वसूला जा रहा है। निवासियों की ओर से विरोध जताने पर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा।
रजिस्ट्री के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। कोई सुनने को तैयार नहीं है। - गरिमा मित्तल
सालों से रजिस्ट्री नहीं होने से लोगों को मालिकाना हक ही नहीं मिल पा रहा है। - शशिकांत राय
सरकार से लेकर प्राधिकरण से अपील की गई है। किसी की ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई है। - मृत्युंजय झा
रजिस्ट्री नहीं होने के कारण रिसेल हो रहे फ्लैट पर ट्रांसफर चार्ज वसूला जा रहा है। - एसके त्रिपाठी
2020 से कब्जा मिलना शुरु हुआ। पांच साल बीत गए,लेकिन अब भी लोगों के हाथ खाली हैं। - निवेदिता बाजपेई
बिल्डर की ओर से लोगों को धोखे में रखा जा रहा है, जिससे निवासियों को परेशानी हो रही है। - चंद्र प्रकाश राय