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Noida News: हर महीने बिल जमा किया, फिर भी बिजली निगम ने बना दिया बकायेदार

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सोनभद्र। बिजली निगम के तमाम दावों के बावजूद बिल की गड़बड़ी कम नहीं हो रही है। समय से बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं के पास बकाए का बिल पहुंच रहा है। बिल में गड़बड़ी के हर रोज आठ से दस मामले एसडीओ और एक्सईएन कार्यालय पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता बिल देखकर हैरान हैं कि जब उन्होंने हर महीने बिल जमा किया तो बकाया कैसे है और हर महीने बिल इतना भारी अंतर कैसे है। अफसर इसे मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारियों की गलती बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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शासन की तरफ से बिजली संबंधित समस्याओं का समाधान कराने के लिए कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप समय-समय पर लगाया भी जा रहा है। बावजूद बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत कम नहीं हो रही। बीते सितंबर माह में ही रॉबर्ट्सगंज और पिपरी विद्युत वितरण क्षेत्र में मेगा कैंप में बिजली बिल संबंधित त्रुटियों में सुधार कराते हुए बकाया बिल भी जमा कराए गए। स्मार्ट मीटर लगने के बाद समस्याएं और बढ़ी हैं। बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं के यहां माइनस बिल का मैसेज पहुंच रहा है। वहीं दूसरी तरफ मनमाने ढंग से बिल में वृद्धि के मामले भी प्रकाश में आए हैं। रॉबर्ट्सगंज के गुरुद्वारा मोहाल की रहने वाली आशा देवी का कहना है कि उनके घर पर करीब छह माह पहले स्मार्ट मीटर लगा है। आरोप है कि शुरू में स्मार्ट मीटर का बिल ज्यादा आ रहा था, शिकायत करने पर बिल में सुधार हुआ है। ब्रह्मनगर निवासी कमलेश का कहना है कि उनके यहां अभी पुराना मीटर लगा है। बिजली कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए कभी नहीं आते हैं। खुद से ही वीडियाे बनाकर बिल जमा करना पड़ता है। बावजूद इसके बढ़े हुए बिल का मैसेज आ जाता है। इसकी शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जल्द सुनवाई नहीं होती। आरोप है कि बिल संबंधित गड़बड़ी में सुधार के लिए उन्हें कई-कई दिन कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इन दिनों बिजली निगम के कार्यालय में प्रतिदिन आठ से 10 मामले बिजली बिल में त्रुटि से संबंधित आ रहा है।
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मीटर रीडिंग नहीं होने की शिकायतें ज्यादा
रॉबर्ट्सगंज विद्युत वितरण क्षेत्र में सर्वाधिक शिकायतें मीटर रीडिंग नहीं होने की है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज विद्युत वितरण क्षेत्र में मीटर रीडिंग की जिम्मेदारी प्राइवेट संस्था (मेसर्स इंवेंटीव) को मिली हुई है। हर माह उपभोक्ताओं के यहां से मीटर की रीडिंग करते हुए उपभोक्ताओं केा बिल देने और बिल जमा कराने की जिम्मेदारी है। मगर कर्मचारी मीटर रीडिंग नहीं करने जाते हैं। वहीं मनमाना बिल बढ़ने का मैसेज मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं।
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गलत बिलिंग पर हुआ था हल्ला
म्योरपुर ब्लॉक में बीते सितंबर माह में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की हुई बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्या और गलत बिलिंग के मुद्दे पर खूब हो हल्ला हुआ था। सदस्यों का कहना था कि बिजली का बिल ज्यादा आता है और बिजली निगम के अधिकारी फोन नहीं उठाते। बिजली निगम के जेई विनय बिंद को तब फटकार भी पड़ी थी।
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केस एक:
बेठिगांव निवासी हरिप्रसाद ने बताया कि जुलाई में उनका बिजली बिल करीब 22 हजार था, जो अगले महीने बढ़कर 38 हजार हो गया। इसके बाद सितंबर में 57 हजार से ज्यादा बिल आ गया। निगम के अधिकारी मनमाने तरीके से घरेलू कनेक्शन का बिल बढ़ा रहे हैं। दो महीने में ढ़ाई गुना तक बिल बढ़ने से हैरान हूं।
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केस दो:
ब्रह्मनगर निवासी कमलेश सिंह ने बताया कि हमारे यहां अभी पुराना बिजली का मीटर लगा है। बिजली कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए कभी नहीं आते हैं। खुद से ही वीडियाे बनाकर बिल जमा करना पड़ता है। इसके बाद भी कभी-कभी बिल बढ़कर जा रहा है। शिकायत करने पर जल्द बिल में सुधार भी नहीं होता है। - ब्रह्मनगर निवासी कमलेश सिंह
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केस तीन:
आंबेडकर नगर निवासी संजय कुमार हमारे यहां घरेलू कनेक्शन हैं और स्मार्ट मीटर लगा हुआ है। हर माह समय से बिल जमा होता है। बिल जमा करने के तीन दिन बाद ही मैसेज माइनस बिल होने का आने लगता है। बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जाती है। इस तरह के मैसेज से मोहल्ले के उपभोक्ता परेशान हैं।
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वर्जन:
गलत मीटर रीडिंग के कारण बिल में गड़बड़ी हो सकती है। अगर किसी उपभोक्ता के यहां बिल गड़बड़ पहुंच रहा है तो अपने नजदीकी उपखंड कार्यालय पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं। उपभोक्ता खुद पांच मिनट का वीडियाे बनाकर कार्यालय में संपर्क कर अपना बिल सुधरवा सकते हैं। - एसबी ठाकुर, एक्सईएन-रॉबर्ट्सगंज।
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