मैं मामूरा में रहता हूं। मेरा एलपीजी कनेक्शन नहीं है। छोटे सिलिंडर में गैस भरा कर काम चला रहा था। जब से गैस की किल्लत हुई है तब से गैस महंगी हो गई। बमुश्किल 400 रुपये में एक किलो गैस भरवाया था जो कुछ ही दिन चली। इतना नहीं कमाता हूं तो महंगी गैस नहीं भरा पाऊं इसलिए घर जा रहा हूं। स्थिति सामान्य होने पर विचार करूंगा। -संदीप कुमार, गोरखपुर
गैस की किल्लत रेहड़ी-पटरी और रेस्तरां वालों पर भी भारी पड़ रही है। आपूर्ति प्रभावित होने से चाय, समोसा, पराठा, छोले-कुल्चे, अन्य खाने की चीजें बनाने वालों की दुकान बंद हो गई। हालांकि कुछ दुकानों पर घरेलू गैस सिलिंडर चाय पकती भी दिख रही हैं।
नोएडा। गैस संकट की मार श्रमिक वर्ग पर पड़ रही है। वे अब घर जाने लगे हैं। उनका कहना है कि वे इतना नहीं कमाते कि ब्लैक में चार-पांच गुने दाम पर छोटे सिलिंडर में गैस भरवा सकें। यहां लकड़ी पर खाना बना नहीं सकते। एलपीजी कनेक्शन उनके पास नहीं हैं। ढाबे-होटल के खाने उनकी जेब से बाहर है। ऐसे में एक ही विकल्प बचा है कि वे अपने घर लौट जाएं।
उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो अपना घर छोड़कर नोएडा में नौकरी या काम कर रहे हैं। इनके पास न तो वैध कनेक्शन है और न ही अतिरिक्त रुपये। वैध कनेक्शन न होने की वजह से गैस एजेंसी से इन्हें सिलिंडर मिलना चुनौती है। प्रवासी घर का रुख कर रहे हैं। अवैध तरीके से सिलिंडर लेने पर 400 से 600 रुपयों प्रति किलो गैस मिल रही है। इतनी महंगी दर पर गैस लेने से कई प्रवासी आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इन सबसे परेशान होकर प्रवासियों ने घर का रुख शुरू कर दिया है।
कहीं ताला तो कहीं बदली रेट लिस्ट
वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद हुए लंबा समय बीत गया है। इस बीच रोज कमाने-खाने वाले लोगों का काम चौपट हो गया है। सिलिंडर न मिलने से सेक्टर-1 स्थित दुकान बंद हो गई। कारण उत्पादों के दाम बढ़ना है। इससे ग्राहक कम हुए जिससे आय पर असर पड़। दुकान पर कार्यरत कारीगरों का मेहनताना कम होने पर उन्होंने काम छोड़ दिया। अंत में दुकान पर ताला पड़ गया। इसी तरह सेक्टर-18 में स्थित एक कैफे भी इसी कारण बंद हो गया। कैफे पर उत्पादों के दाम अचानक से महंगे होने से लोगों ने खरीदी कम कर दी। जिस वजह से कैफे बंद हो गया। सेक्टर छह स्थित कैफे पर कैफे पर दाम बढ़ गए।
महंगे दाम पर सिलिंडर लिया था तो उत्पादों के दाम भी बढ़ा दिए। दाम बढ़ने के कारण ग्राहकों की कमी हुई है।- बिंटू, सेक्टर 18
सिलिंडर की कमी के कारण श्रमिक घर लौट गए हैं। इस वजह से निर्माण कार्यों में दिक्कत आ रही है। नरेंद्र भाटी, सेक्टर-122
रोजाना एजेंसी की लाइन में लग रहे हैं फिर भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। कई लोगों को परेशानी हो रही है।-आदेश त्यागी कौशिक, गेझा