विश्व उच्च रक्तचाप दिवस
जिम्स में रोज पहुंच रहे उच्च रक्तचाप के मरीजों में 15 फीसदी तक युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। सिरदर्द, चक्कर, काम करते समय कुछ देर में ही थकान हो तो सतर्क हो जाएं। ये दिक्कतें उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की की वजह से हो सकती हैं। जिम्स में रोजाना 70 से 80 मरीज ऐसे मरीज पहुंचे रहे हैं। इनमें से 10 से 15 फीसदी युवा हैं। इसकी बड़ी वजह अधिक तनाव और अनियमित जीवनशैली है।
जिम्स के मेडिसिन विभाग के सहआचार्य डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 350 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाइपरटेंशन युवाओं में साइलेंट किलर का काम कर रहा हैं। पहले 60 से अधिक आयु के बुजुर्गों में हाइपरटेंशन की शिकायत मिलती थी। अब 20 से 25 वर्ष के युवाओं में भी यह दिक्कत दिख रही है।
ग्रेनो वेस्ट स्थित निजी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कृष्ण यादव का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को यह तक पता नहीं कि उनका ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक है। हाल में प्रकाशित आईसीएमआर से जुड़े अध्ययनों के अनुसार भारत में हाई ब्लड प्रेशर की व्यापकता 35.5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है जो बताती है कि हर तीन में से एक भारतीय इस समस्या की चपेट में है। उन्होंने बताया कि पिछले 5 से 10 वर्षों में युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। अस्पताल की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आने वाले लगभग 30 प्रतिशत मरीज हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित पाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग की है।
क्या है वजह
डॉ. दीपक ने बताया कि अनियमित जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अधिक स्क्रीन टाइम, जंक फूड और नींद की कमी ने हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सोना, कम पानी पीना, गर्भावस्था में सावधानी न बरतना, मोटापा, लंबे समय तक मानसिक तनाव, बढ़ती उम्र, डायबिटीज, किडनी रोग, हृदय रोग, खराब आहार, धूम्रपान, शराब का सेवन, पारिवारिक इतिहास आदि कारणों से उच्च रक्तचाप बढ़ता है।
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सिर दर्द से होती है शुरुआत
हाइपरटेंशन के शुरुआती लक्षण सिर दर्द, चक्कर आना, सांस लेने में कठिनाई, नाक से खून आना, सीने में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आदि लक्षण होते हैं।
क्या करें
ग्रेनो के निजी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरनीश सिंह भाटिया ने बताया कि 40 की उम्र पार करने के बाद हमें हाई बीपी, कालेस्ट्रोल आदि की नियमित जांच करानी चाहिए। सात से आठ घंटे की नींद हमारे लिए आवश्यक है।