आईटी कॉलेज में शुक्रवार से शुरू हुए व्याख्यान में मौजूद शिक्षक।
लखनऊ। दिन-ब-दिन दुभाषिया (जिसे दो भाषाओं का ज्ञान हो) का महत्व बढ़ता जा रहा है। ऐसे में हिंदी में परिपक्व युवाओं के लिए रोजगार क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यह बातें कहीं आईटी कॉलेज के हिंदी विभाग की प्रो. श्रुति ने। मौका था आईटी कॉलेज में शुक्रवार से शुरू हुए हिंदी सप्ताह के तहत ''''वैश्विक फलक पर हिंदी रोजगार एवं संभावनाओं'''' पर हुए व्याख्यान का।
प्राचार्या डॉ. मेजर नीरजा मसीह ने कहा कि हिंदी मीठी और सरस भाषा है। हिंदी में हम अपनी भावनाओं को अधिक सरलता से अभिव्यक्त कर सकते हैं। प्राथमिक विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालयों के हिंदी विभाग हिंदी में परिपक्व युवाओं की राह देख रहे हैं। साहित्यिक रचना, अनुवाद लेखन, प्रिंट मीडिया से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में हिंदी का वर्चस्व है। फिजी, मॉरीशस, त्रिनिदाद जैसे देशों के लोग हिंदी और हमारी संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।
विभाग अध्यक्ष प्रो. नीतू शर्मा ने बताया कि हिंदी विभाग में हर साल हिंदी दिवस कविता गायन, पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होती हैं। हिंदी सप्ताह 19 सितंबर तक मनाया जाएगा। कार्यक्रम में किंजल द्विवेदी, प्रो. सीमा जोशी, प्रो. रोमा जोसफ, प्रो. अनुपमा श्रीवास्तव, प्रो. सोनिका भाटिया व अन्य शामिल हुए।