बहादुरगढ़। दिवाली के बाद प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। एक्यूआई मंगलवार को सुबह जहां 368 दर्ज हुआ। वहीं शाम को 4 बजे यह बढ़कर 379 पर पहुंच गया। जिले में हवा सांस लेने योग्य नहीं है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए संबंधित विभाग कोई भी कदम नहीं उठा रहे हैं।
सोमवार की रात क्षेत्र में दिवाली पर्व पर हुई आतिशबाजी का धुआं और मंगलवार को सुबह स्मॉग छाया रहा। यही नहीं मंगलवार को शाम तक शहर की सड़कों पर कूड़े के ढेर में लगी आग से धुआं उठता रहा। न प्रदूषण बोर्ड और न ही नगर परिषद की ओर से कोई कार्रवाई की गई। इससे सांसों पर संकट खड़ा हो गया है और लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिवाली की आतिशबाजी का असर अगले कई दिन तक रह सकता है। शहरी क्षेत्र की अनेक कॉलोनियों में आधी रात के बाद तक आतिशबाजी हुई है। हवा में प्रदूषण अधिक होने के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी।
बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सुंदरम ने कहा कि दमा आदि बीमारियों से पीड़ित लोगों को बढ़ते प्रदूषण से परेशानी होगी। पर्यावरण प्रेमी प्रदीप कुमार ने कहा कि आतिशबाजी तो एक ऐसा शौक है जो न सिर्फ दूसरों के लिए बल्कि ऐसा करने वालों के लिए भी नुकसानदायक है। इसके बावजूद कोई भी यह नहीं समझ पा रहा है कि निरंतर बढ़ रहा प्रदूषण पर्यावरण के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है।
इन स्थानों पर जलता रहा दिनभर कूड़ा
रेलवे रोड पर पंजाब नेशनल बैंक के पास, विश्वकर्मा चौक के नजदीक, नाहरा-नाहरी रोड पर फ्लाईओवर के पास, अनाज मंडी।
झज्जर में नगर परिषद में लगा वायु गुणवत्ता मापक यंत्र पड़ा बंद
झज्जर में प्रदूषण का स्तर मंगलवार को 350 दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह से ही पूरा दिन शहर व आसपास के क्षेत्र में स्मॉग छाया रहा। लोगों को आंखों में जलन की शिकायत रही। झज्जर नगर परिषद में लगाया गया वायु गुणवत्ता मापक यंत्र बंद पड़ा है। इसे अब तक सेंट्रलाइज्ड नहीं किया गया है। मंगलवार को नगर परिषद में वायु गुणवत्ता मापक यंत्र बंद मिला। झज्जर के राजेश पायलट चौक के पास कूड़े में अज्ञात लोगों ने आग लगा दी, जिससे धुआं उठता रहा। सिविल अस्पताल में आंखों के जलन के मामले की शिकायत लेकर लोग ओपीडी पहुंचे। झज्जर सिविल अस्पताल के नेत्र विभाग में 50 मामले आंखों में जलन के पहुंचे। इसके अलावा 10 को सांस लेने में दिक्कत हुई।
दिवाली पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसका असर अभी देखने को नहीं मिलेगा। आने वाले दो-तीन दिनों बाद इसका पता चलेगा। यदि हवा चलती है तो प्रदूषण का स्तर कम होगा। बोर्ड की ओर से कड़ी सख्ती बरती जाएगी। संबंधित विभागों को भी अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों पर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। गैप-2 की पाबंदियां भी लागू हो गई हैं। ऐसा रहा तो जल्द ही ग्रैप का तीसरा चरण लागू होगा। इसके बाद सख्ती और बढ़ेगी।
- शैलेंद्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।
-फोटो 61 : आतिशबाजी के बाद उठता धुआं। संवाद
-फोटो 61 : आतिशबाजी के बाद उठता धुआं। संवाद