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कैसे देंगे कोरोना को मात, 6 दिन के लिए टीके सिर्फ 26 हजार

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नोएडा/ग्रेटर नोएडा। जिले में टीकाकरण की धीमी रफ्तार आगे भी लोगों को परेशान कर सकती है। हालात यह हैं कि स्वास्थ्य विभाग को शासन से 6 दिन के टीकाकरण के लिए मात्र 24 हजार डोज मिली हैं। जबकि यदि स्लॉट के साथ ऑनस्पाट बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जाए तो जिले में एक दिन के अंदर ही 15 से 20 हजार टीके लग जाते हैं। आगामी सप्ताह में भी बिना स्लॉट बुकिंग के टीकाकरण होना मुश्किल है।
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शुक्रवार सुबह तक विभाग के पास 9261 डोज थीं। इसमें से 36 केंद्रों पर 6379 डोज इस्तेमाल हो गईं। ऐसे में 2864 डोज ही बचीं। वहीं, 24 हजार डोज मिलने से विभाग के पास अब करीब 26864 हजार डोज हो गई हैं। इसे जिले के सरकारी अस्पतालों में नियमानुसार बांटा जाएगा। ऐसे में प्रतिदिन साढ़े चार हजार से अधिक टीकाकरण संभव नहीं होगा। सरकारी टीकाकरण केंद्रों की संख्या भी घटकर 36 रह गई है। जबकि पहले 60 से अधिक केंद्रों पर टीकाकरण होता था। इधर, 1 जुलाई से घर के पास शिविर लगाकर टीका लगाने व बुलावा पर्ची भेजने की योजना फेल हो गई है। इसका असर नियमित टीकाकरण कार्य पर भी दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पंजीकरण व स्लॉट बुक करने की सुविधा खत्म कर दी है। इससे टीकाकरण कराने केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
निजी कंपनियों ने किया टीका अनिवार्य
जिले की कई निजी कंपनियों ने कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए टीकाकरण को अनिवार्य कर दिया है। टीका लगवाने सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने के बाद ही उन्हें नौकरी पर बुलाया जा रहा है। वहीं, कुछ कंपनियां नए लोगों को भर्ती करने से पहले ही टीका लगवाने की जानकारी मांग रही हैं। इससे नौकरी की तलाश में जिले में आने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। साथ ही, घरेलू सहायक-सहायिकाओं को भी बिना टीके के काम पर आने से मना किया जा रहा है।
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मौके पर पंजीकरण की सुविधा फिलहाल स्थगित है। इसे जल्द ही दोबारा शुरू कर पंजीकरण कराने में असमर्थ लोगों को पंजीकृत कर टीका लगवाया जाएगा।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ गौतमबुद्धनगर
टीके से वंचित लोग कर रहे सवाल, ‘सरकार’ क्या ऐसे होता है नियर-टू-होम
नोएडा। सरकार के नियर टू होम टीकाकरण सप्ताह की शुरुआत में ही हवा निकलती नजर आने लगी है। 1 जुलाई से वृहद टीकाकरण के दावे करने वाला स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन अब वैक्सीन की कमी से खुद ही लाचार साबित हो रहा है। वैक्सीन की कमी का आलम यह है कि चार दिनों से टीकाकरण की संख्या एक चौथाई रह गई है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण न होने से कई लोग परेशान भटकते नजर आ रहे हैं। सुबह से ही लाइन लगाकर घंटों वैैक्सीन के इंतजार में खडे़ लोगों को निराश ही वापस जाना पड़ रहा है। एक-एक वैक्सीन के लिए लोग गिड़गिड़ाते हैं। स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की डांट सुनते हैं। पुलिस के डंडे की फटकार भी देखते हैं। फिर निराश होकर चलेे जाते हैं। जाते हुए ज्यादातर लोगों की जुबान पर यही वाक्य होता है कि ‘वादा आपका था हमारे दर आने का, अब हम आते हैं, मगर बेआबरू होकर जाते हैं। क्या यही है आपकी टीकाकरण की नियर टू होम योजना।’
जिला अस्पताल से मायूस लौट रहे लोग
सेक्टर-30 जिला अस्पताल में पिछले सप्ताह तक तीन हजार से अधिक टीके प्रतिदिन लग रहे थे, लेकिन अब यहां एक दिन में करीब 800 लोगों का ही टीकाकरण हो पा रहा है। यहां बिना स्लॉट बुकिंग ऑन स्पाट टीकाकरण बंद होने से हर दिन सैकड़ों लोग मायूस लौट रहे हैं। वहीं लोगों को तकनीकी दिक्कतों और स्लॉट की सीमित संख्या से बुकिंग कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि जितनी वैक्सीन हमें स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त होती है उसके अनुसार हमें विभाग से स्लॉट भी दिए जाते हैं। जिनका बुक होता है उन्हें टीका लगाया जा रहा है। स्लॉट बुकिंग में अस्पताल की कोई भूमिका नहीं है।
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