संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक तरफ दीपों का पर्व दिवाली नजदीक है और दूसरी और दमकल विभाग कर्मचारियों के संकट से जूझ रहा है। दमकल विभाग के पास कुल 260 कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन काम केवल 115 ही कर रहे हैं। इनमें भी आधे से ज्यादा कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत लगे हैं। कर्मचारियों की कमी के पटाखों के गोदामों की जांच नहीं शुरू हो सकी है।
कम कर्मचारियों के साथ इस बार दिवाली पर होने वाली अग्निकांड की घटनाओं पर अंकुश लगाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। दमकल केंद्र में इस वक्त स्थायी दमकल अधिकारी भी नहीं है। अंबाला के जिला दमकल अधिकारी पंकज पराशर को यमुनानगर का अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है।
जिला दमकल केंद्र में कुल 39 गाड़ियां हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 22 गाड़ियां यमुनानगर के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित दमकल केंद्र में, आठ गाड़ियां जगाधरी के गुलाब नगर में, व्यासपुर में दो और रादौर, खजूरी रोड, मानकपुर, छछरौली व साढौरा में दमकल की एक-एक गाड़ी खड़ी की गई है।
जिले में पटाखों के कई गोदाम अवैध रूप से चल रहे हैं। दुकानों से ज्यादा पटाखे इनके गोदामों में बिक रहे हैं। गोदामों में न केवल जीएसटी की चोरी की जा रही है बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। गोदामों की जांच तो दूर दुकानों पर भी दस्तक नहीं दी गई है। इससे दमकल अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गोदामों पर पटाखे खरीदने वालों का तांता लगा हुआ है। गोदामों में आने जाने का केवल एक ही दरवाजा है। पटाखे बेचने वाले लाइसेंस धारकों ने जितने भी गोदाम बना रखे हैं उन पर तो मालिक का नाम है और न ही जीएसटी नंबर अंकित है। इससे आमजन तो क्या किसी अधिकारी को भी पता नहीं चलता कि पटाखों से भरे यह गोदाम किसके हैं।
कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए मुख्यालय को लिखा है। फिर भी जो स्टाफ है वह ठीक काम कर रहा है। लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करने दिया जा रही। पटाखों के गोदामों की जांच भी जल्द की जाएगी। - पंकज पराशर, जिला दमकल अधिकारी यमुनानगर।