ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड बैठक
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में कामगारों के लिए श्रमिक आवास और लेबर हॉस्टल बनाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। शासन के निर्देश पर इस परियोजना में कम कीमत पर कामगारों को आवास देने के लिए पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में प्राधिकरण ईडब्ल्यूएस साइज के श्रमिक आवास बनाएगा। ऐसे में बिल्डरों के महंगे फ्लैटों से जहां राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन चिह्नित हो गई है। सभी औपचारिकता पूरी कर इसी साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। इसके अलावा रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने पर अस्थायी आवास की भी दिक्कत प्राधिकरण दूर करेगा। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना में सेक्टर ईकोटेक-06 व ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित कर ली गई है। प्राधिकरण यह भूखंड श्रम विभाग को निशुल्क ट्रांसफर करेगा। यहां श्रम विभाग अपने लेबर हॉस्टल बना सकेगा। यहां कामगारों को बहुत कम किराया देकर रहने की सुविधा होगी। यहां रहते हुए वह रोजगार तलाश भी कर पाएंगे। रोजगार मिलने के बाद वह अपने लिए स्थाई आवास तलाश सकेंगे।
एनडीआरएफ को भी आवास मिलने को मंजूरी, प्रभावी होगी यूनिट
ग्रेटर नोएडा में आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए एनडीआरएफ के रीजनल रिस्पांस सेंटर (क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र) के लिए प्राधिकरण आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएगा। बोर्ड ने एनडीआरएफ 8वीं वाहिनी गाजियाबाद के रीजनल रेस्पोंस सेंटर के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैट नि:शुल्क आवंटित करने को मंजूरी दी है। यहां एनडीआरएफ के तैनात कर्मी परिवार सहित निवास नहीं करेंगे। बल्कि आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई के लिए टीम के रूप में तैनात रहेंगे। आवासों का उपयोग कैंप, परिसर और स्टाफ कार्यालय के रूप में किया जाएगा। इस फैसले से प्राकृतिक आपदा, औद्योगिक दुर्घटना, भवन गिरने, बाढ़ सहित अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी।