- यमुना प्राधिकरण की 89वीं बोर्ड बैठक में लगी मुहर, 11,811 करोड़ रुपये विकास पर खर्च करेगा प्राधिकरण
- 3.58 प्रतिशत बढ़ाई गईं आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की आवंटन दरें, एक अप्रैल से लागू
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के विकास और जमीन की खरीद पर यमुना प्राधिकरण (यीडा) करीब 11,811 करोड़ रुपये खर्च करेगा। शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में बजट प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही यमुना सिटी में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की आवंटन दरें 3.58 फीसदी बढ़ा दी गईं हैं। नई दरें एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी।
शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित यीडा मुख्यालय में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार की अध्यक्षता में 89वीं बोर्ड बैठक हुई। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बोर्ड के सामने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट आवंटन के लिए आय व व्यय के प्रस्ताव रखे। बैठक में बजट को मंजूरी मिल गई है जिससे एक अप्रैल से विकास कार्य प्रभावित नहीं होगा। इसके साथ ही 973 आवासीय भूखंडों की योजना लांच करने की तैयारी में जुटे प्राधिकरण ने जमीनों की दरें भी संशोेधित कर दी हैं। बोर्ड के फैसले के मुताबिक मुद्रास्फीति दरों को ध्यान में रखते हुए 3.58 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई है। आसान शब्दों में देखें तो प्रति एक करोड़ रुपये अब 3.58 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च जमीन आवंटन के लिए करने होंगे।
बोर्ड के निर्देश पर उद्योगों में ट्रांसपोर्ट लैंडयूज की दरें तय करने के लिए एसीईओ शैलेंद्र भाटिया और मल्टीपल लैंडयूज के लिए एसीईओ यीडा मनीष मीणा की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियां बनाई गई हैं। इसमें नोएडा व ग्रेनोप्राधिकरण के सीईओ के नामित वित्त अधिकारी भी सदस्य होंगे। अगली बोर्ड बैठक में इन समितियों की रिपोर्ट पेश की जाएगी जिससे इन दोनों लैंडयूज की भी दरों को तय करने पर फैसला लिया जा सके।
यीडा का बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 18 फीसदी बढ़ा है। पिछले साल कुल आय 9996 करोड़ रुपये प्रस्तावित थी। इसके सापेक्ष 28 फरवरी तक 6187 करोड़ रुपये की प्राप्ति प्राधिकरण को हो चुकी है। इस बार अलग-अलग मदों से प्रस्तावित आय 11830 करोड़ रुपये है। वहीं खर्च के लिए 11,811 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा जमीन की खरीद पर करीब 8000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं विकास कार्यों पर खर्च के लिए 2012 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जबकि यमुना सिटी और एयरपोर्ट की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए भी 300 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
हेरिटेज सिटी, टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर पर भी शुरू होगा काम
अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड के निर्देश पर राया अर्बन सेंटर में हेरिटेज सिटी और टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के विकास कार्य शुरू कराए जाने हैं। यहां प्राधिकरण जमीन की खरीद भी शुरू करेगा। यही वजह है कि पिछले साल की तुलना में जमीन खरीद के लिए बजट खर्च करीब 2300 करोड़ रुपये बढ़ाया गया है। इसमें 1204 करोड़ रुपये से लिंक एक्सप्रेसवे की जमीन खरीद भी शामिल है। सीईओ ने बताया कि हेरिटेज सिटी पर काम शुरू कराने से पहले बिड डॉक्यूमेंट को संशोधित कर शासन की मंजूरी के लिए जल्द भेज दिया जाएगा।
यमुना सिटी में ट्रैफिक पार्क को मिली मंजूरी
बोर्ड बैठक में ट्रैफिक पार्क सह प्रशिक्षण केंद्र के जेवर क्षेत्र में बनाए जाने को मंजूरी मिल गई है। होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से यह ट्रैफिक पार्क विकसित किया जाएगा। सीएसआर फंड से बनना प्रस्तावित इस ट्रैफिक पार्क में वाहन चलाना सीखने के अलावा लाइसेंस के लिए भी व्यवस्था बनाई जा सकेगी। यह काम सीएसआर फंड से होना है। इसके लिए जमीन नि:शुल्क प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा। जमीन का स्वामित्व प्राधिकरण के पास ही रहेगा।
बजट एक नजर में
18 फीसदी बढ़ा बजट पिछले वर्ष की तुलना में
11,830 करोड़ : इस बार प्रस्तावित आय
11,811 करोड़ है खर्च का प्रस्ताव
8000 करोड़ खर्च होंगे जमीन खरीद पर
2012 करोड़ खर्च होंगे विकास कार्यों पर
300 करोड़ रुपये खर्च होंगे यमुना सिटी और एयरपोर्ट मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर