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भारतीय खेल प्राधिकरण के जीएम को लिफ्ट देकर बनाया बंधक

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ग्रेटर नोएडा में लूटपाट का शिकार हुए भारतीय खेल प्राधिकरण के जीएम - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। भारतीय खेल प्राधिकरण के जीएम धर्मपाल शर्मा को लिफ्ट देकर बंधक बनाकर लूटपाट करने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने उनकी आंख में पट्टी बांधकर और पेचकस व हथौड़ी से वारकर साढ़े तीन हजार रुपये, घड़ी, मोबाइल और डेबिट कार्ड लूट लिया। आरोपी पीड़ित को किसी एटीएम बूथ के करीब ले गए और कार में ही रखकर पिन पूछने के लिए कई बार पेचकस से वार किए।
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एटीएम से 11 हजार रुपये निकाले। बीटा-2 थाना पुलिस ने कई घंटे बाद घटना की रिपोर्ट दर्ज की है। भारतीय खेल प्राधिकरण में जीएम धर्मपाल शर्मा सेक्टर डेल्टा-1 निवासी हैं। सोमवार को दिल्ली के आईटीओ स्थित दफ्तर जाने के लिए घर से निकले थे। जब वह परी चौक जाने वाले मार्ग पर हैरिटेज होटल के पास खड़े थे। तभी कार सवार चार बदमाशों ने उन्हें दिल्ली अक्षरधाम के लिए लिफ्ट दी। अभी वह कमर्शियल बेल्ट के पास ही पहुंचे थे। तभी बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी। इसके बाद बदमाशों ने हमला कर लूटपाट की और ढाई घंटे बाद जीएम को 130 मीटर रोड पर फेंककर फरार हुए।
एटीएम बूथ के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित को जानकारी दी कि घटना स्थल बीटा-2 का है। लेकिन बीटा-2 थाना पुलिस ने कई घंटे बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की। अब पुलिस परी चौक मार्ग और जिस एटीएम बूथ से रुपये निकाले गए। वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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होली के त्योहार पर सक्रिय हुआ गैंग प्लास का भी कर चुका है इस्तेमाल
होली के त्योहार से कई दिन पूर्व और बाद तक परी चौक से बड़ी तादाद में यात्री घर के लिए रवाना होते हैं। ऐसे समय में लिफ्ट देकर औजार को हथियार बनाकर इस्तेमाल करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है।
गिरोह ने 21 फरवरी को फिरोजाबाद निवासी ज्ञान सिंह यादव से परी चौक से लिफ्ट देकर 50 हजार रुपये लूटे थे। आरोपियों ने पीड़ित की प्लास से नाक दबा दी थी। तीन मार्च को बरेली निवासी राहगीर से लिफ्ट देकर दस हजार लूटे। 19 मार्च को सुल्तानपुर निवासी शंभूनाथ चौधरी से 1.10 लाख नकद लूटे और 1.40 लाख एटीएम से निकाले।
दहशत में है पीड़ित परिवार
धर्मपाल शर्मा के बेटे सौरभ शर्मा ने बताया कि इस घटना के बाद से उनके पिता और परिवार खौफ में हैं। उनके जेहन से घटना की बातें नहीं निकल पा रही है। सौरभ ने कहा कि बदमाश ढाई घंटे तक उनके पिता को शहर में घुमाकर हमला करते रहे। अगर उन्हें कुछ हो जाता तो कौन जिम्मेदार होता।
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