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Noida News: ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में हनीट्रैप, लूटेरों का गिरोह बेनकाब

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सोशल मीडिया पर दोस्ती का झांसा देकर सुनसान जगह बुलाते थे, मारपीट के बाद खाते से भी उड़ाते थे रुपये
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कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार, नाबालिग संरक्षण में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब का झांसा देकर हनीट्रैप और फिर लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस ने शनिवार को इस गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। वहीं एक नाबालिग को संरक्षण में लिया गया है। आरोपियों के पास से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल दो कार व अन्य सामान बरामद हुए हैं। गिरोह के कुछ अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
नोएडा जोन की एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-54 स्थित पार्क के पास घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान फिरोजाबाद निवासी ओमवीर यादव, मंजेश यादव व प्रियंका यादव और औरैया निवासी निधि यादव व मैनपुरी निवासी काजल उर्फ रिया यादव के रूप में हुई है। इनके साथ एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है।
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पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब बनाया हुआ था। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद गिरोह की महिलाए उनसे दोस्ती करती थीं और अपने जाल में फंसाती थी। बातचीत बढ़ने पर मिलने के लिए उन्हें दिल्ली, नोएडा या एनसीआर के किसी सुनसान स्थान पर बुलाया जाता था।
वारदात को अंजाम देने के लिए गिरोह पूरी योजना के साथ पहुंचता था। एक कार में महिला सदस्य और उसके साथी रहते थे, जबकि दूसरी कार कुछ दूरी पर निगरानी के लिए खड़ी रहती थी। महिला पहले पीड़ित के साथ बैठकर बातचीत करती थी। जैसे ही वह सुनसान स्थान पर पहुंचता, दूसरी कार में मौजूद साथी वहां पहुंच जाते और चाकू दिखाकर मारपीट शुरू कर देते। इसके बाद नकदी, मोबाइल फोन, वाहन और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। इसके बाद पीड़ित का मोबाइल कब्जे में लेकर खातों से रुपये ट्रांसफर कर लेते थे। गिरोह पीड़ित का मोबाइल, पर्स और पहचान पत्र भी अपने साथ ले जाता था ताकि पीड़ित तुरंत पुलिस तक न पहुंच सके।
पेट्रोल पंप के पास लूटी थी फॉर्च्यूनर
पूछताछ में पता चला कि 30 जून की रात सेक्टर-54 के पेट्रोल पंप के पास गिरोह के सदस्यों ने हनीट्रैप के पीड़ित के साथ मारपीट कर मोबाइल का लॉक खुलवाया और उसके खाते से 1.80 लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद उसकी फॉर्च्यूनर कार, पर्स और अन्य सामान लेकर भाग गए।
लूट को अंजाम देने के लिए गिरोह दो कारों का इस्तेमाल करते थे। घटना पूरी होने के बाद दोनों वाहन अलग-अलग रास्तों से निकल जाते थे, जिससे पुलिस को उनके मूवमेंट का पता न चल सके।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे गिरोह
नोएडा में ऑनलाइन दोस्ती और हनीट्रैप के जरिए लूट के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 22 जून को सेक्टर-39 थाना पुलिस ने डेटिंग एप के माध्यम से युवकों को बुलाकर लूट करने वाले गिरोह का खुलासा किया था। इससे पहले 14 फरवरी 2025 को एक्सप्रेसवे क्षेत्र में महिला मित्र के बहाने बुलाकर युवक से लूट की घटना दर्ज हुई थी। वहीं, पांच सितंबर 2024 को सेक्टर-126 थाना पुलिस ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर ब्लैकमेल और लूटने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी।
ऐसे बचें ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के जाल से
सोशल मीडिया पर फ्रेंडशिप क्लब से जुड़ने या दोस्ती के प्रस्ताव को स्वीकार करने से बचें।
पहली मुलाकात कभी भी सुनसान स्थान पर न करें।
किसी भी व्यक्ति के कहने पर मोबाइल का लॉक, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
संदेह होने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें।
परिवार या मित्रों को बताए बिना किसी अनजान व्यक्ति से मिलने न जाएं।
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