पंचायत चुनाव के मद्देनजर ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर वाहनों की चेकिंग करती पुलिस।
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ग्रेटर नोएडा। जेल से बाहर आकर शातिर अपराधी अक्सर कहीं छिप जाते हैं। कई बार दूसरे शहरों में नाम, पहचान बदलकर रहने लगते हैं और मौका मिलते ही वारदात कर ठिकाना बदल लेते हैं। वहीं, चुनाव के दौरान कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए अपराधियों का इस्तेमाल करते हैं।
कोरोना काल में बड़ी संख्या में अपराधी जमानत पर जेल से छूटे हैं। पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिस अब जेल से बाहर आए हिस्ट्रीशीटर व अपराधियों की लोकेशन खंगालने में जुटी है, ताकि उनकी निगरानी की जा सके। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही शासन व आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तैयारियां शुरू की हैं। पुलिस ने ऐसे प्रत्याशी और उनके करीबियों की निगरानी कर रही है, जिनके विवाद चल रहे हैं या फिर होने की आशंका है।
इसके अलावा पुलिस ने संवेदन व अति संवेदनशील बूथ को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। पुलिस गांव-गांव में ग्रामीणों से वार्ता कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है। बड़ी संख्या में विवाद आदि से जुड़े लोगों को मुचलका पाबंद किया जा रहा है। शुक्रवार को पुलिस ने पंचायत चुनाव और होली के मद्देनजर पुलिस लाइन में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए मॉक ड्रिल भी किया था।
चौकस है पुलिस, रखी जा रही पूरी नजर
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार का कहना है कि पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस पूरी तरह चौकस है। पुलिस ग्रामीणों के संपर्क में है। संदिग्ध व विवादित लोगों को मुचलका पाबंद किया जा रहा है। हिस्ट्रीशीटर और बदमाशों की भी निगरानी की जा रही है। जिन बदमाशों का पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश कर निगरानी की जाएगी, ताकि वह किसी घटना को अंजाम न दें या फिर कोई साजिश न रचें।