चंडीगढ़। नूंह के पिपरौली गांव में स्कूल, कब्रिस्तान, तालाब की जमीनों पर कब्जे के मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब एसपी मेवात को कब्जा हटाने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं। याचिका दाखिल करते हुए स्थानीय निवासी हनीफ ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से उच्च न्यायालय के सामने गांव की शामलात जमीन, स्कूल, तालाब व कब्रिस्तान की भूमि पर लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे का ब्योरा रखा।
याचिकाकर्ता ने बताया कि 2016 में जिला मजिस्ट्रेट ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को इन कब्जों को हटाने के आदेश दिए थे। कब्जा हटाने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को सुरक्षा बल मुहैया कराने की बात कही थी। इसके बावजूद अब तक पुलिस बल मुहैया नहीं कराया गया न ही कोई कब्जा हटाया जा सका है। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय से अपील की कि जिन स्थानों पर यह अवैध कब्जा है वह लोगों के उपयोग के स्थान हैं। कब्जे के चलते उन्हें परेशानी हो रही है। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने मेवात के एसपी को आदेश दिए हैं कि जब यह अवैध कब्जे हटाने टीम पहुंचे तो उन्हें आवश्यक सुरक्षा बल मुहैया करवाया जाए।