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हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा रकुल प्रीत की शिकायत पर क्या कार्रवाई की

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पूछा कि अभिनेत्री रकुल प्रीत मामले में उन चैनलों पर क्या कार्रवाई की जो न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टेंडर्ड एसोसिएशन (एनबीएसए) के सदस्य नहीं हैं। हाईकोर्ट ने मंत्रालय को रिया चक्रबर्ती ड्रग केस में रकुल प्रीत सिंह से जुड़ी रिपोर्टिंग में नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों पर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) पेश करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एनबीएसए की ओर से पेश दो स्टेटस रिपोर्ट और चैनलों पर मंत्रालय की ओर से की गई कार्रवाई पर विचार किया। इस दौरान मंत्रालय की ओर से केंद्र सरकार के अधिवक्ता अजय दिगपाल ने बताया कि चैनलों के खिलाफ जरूरी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके अलावा चैनलों को केबल टीवी नेटवर्क रेगुलेशन एक्ट की गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं एनबीएसए ने कोर्ट को बताया कि उसने अभिनेत्री की शिकायत की पड़ताल के बाद चैनलों को कई आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने निर्देश दिया कि अगर याची के पास चैनलों के लिंक हैं तो वह उचित कार्यवाही के लिए मंत्रालय को उपलब्ध करवा सकती हैं। इसके अलावा जो सामग्री हटा दी गई, मंत्रालय उसे सीधे चैनल से प्राप्त कर सकता है। अदालत ने मंत्रालय को जरूरी कार्यवाही कर छह सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 20 मई तय की गई है।
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याची के वकील अमन हिंगोरानी ने कहा कि मंत्रालय को उन चैनलों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो एनबीएसए के सदस्य नहीं हैं। कई चैनलों ने आपत्तिजनक सामग्री को हटा लिया है। उनकी मुवक्किल वह सामग्री खुद हासिल नहीं कर सकती है। इसलिए वह सीधे चैनलों से ली जाए। - एजेंसी
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