बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में चिकित्सक अस्पताल में आने वाले हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों को दवाई देने के लिए सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट मांग रहे हैं। जबकि, यहां जांच रिपोर्ट एक महीने से ज्यादा समय में आ रही है। सीएमओ ने भी हेपेटाइटिस के मरीजों को दवा देने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, चिकित्सक उनके आदेश को भी दरकिनार कर दवाई देने से मना कर रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल में रोजाना 20 मरीज हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित पहुंच रहे हैं। हेपेटाइटिस बी के 93 और हेपेटाइटिस सी के 460 मरीज हैं। इन मरीजों के पास जिला पुरुष अस्पताल की हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग की पॉजिटिव रिपोर्ट हैं। अब दवाई देने के नाम पर चिकित्सक उन्हें वायरल लोड जांच कराने का हवाला देकर टाल रहे हैं। दवाई नहीं मिलने से मरीजों की परेशानी बढ़ रही है।
वर्तमान में 15 सितंबर के बाद से हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों की वायरल लोड की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल में दवाई होते हुए दवाई नहीं मिल रही है।
केस नंबर एक
मरीज अंजू रानी ने बताया कि उनके पास जिला पुुरुष अस्पताल की लैब की हेपेटाइटिस की पॉजिटिव रिपोर्ट हैं। जबकि, वायरल लोड की जांच निजी लैब से कराई है। क्योंकि, यहां रिपोर्ट मिलने में महीनों लग रहे हैं। चिकित्सक हेपेटाइटिस की रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर भी दवाई नहीं दे रहे हैं। करीब 15 दिन से परेशान है।
केस नंबर दो
मरीज रवि ने कहा कि हेपेटाइटिस रिपोर्ट पॉजिटिव है। वायरल लोड जांच के लिए सैंपल देने पैथोलॉजी लैब आया है। चिकित्सक ने बिना वायरल लोड जांच के दवाई देने से इंकार कर दिया है। निजी लैब की रिपोर्ट चिकित्सक नहीं मान रहे।
केस नंबर तीन
मरीज प्रमोद का कहना है कि उसकी हेपेटाइटिस की रिपोर्ट पॉजिटिव है। करीब 20 दिन पहले वायरल लोड जांच के लिए सैंपल दिया है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली। बाहरी की रिपोर्ट चिकित्सक नहीं मान रहे हैं। अब रिपोर्ट मिलने के बाद ही हेपेटाइटिस की दवा मिलेगी।
शासन स्तर से बजट नहीं आने से हेपेटाइटिस बी और सी की वायरल लोड जांच प्रभावित होती है। अस्पताल स्तर से कोई दिक्कत नहीं है। चिकित्सकों को हेपेटाइटिस के मरीजों को दवाई देने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में सोमवार को भी मीटिंग बुलाई गई है। - डॉ. बीआर त्यागी, कार्यवाहक सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों को जिला पुरुष अस्पताल में दवाई नहीं मिलने की कई बार शिकायत आ चुकी है। इसको लेकर चिकित्सकों से रिपोर्ट पॉजिटिव आने के आधार पर दवाई शुरू करने के लिए कहा गया है। लखनऊ स्तर से भी संबंधित चिकित्सक की बात करा दी गई थी।
- डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर