कंसहरी भवानीपुर गांव के सामने वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग के किनारे खड़े बड़े वाहन। संवाद
गाजीपुर। जिले के महराजगंज से लेकर मटेहूं तक वाराणसी- गोरखपुर हाईव पर करीब 40 किमी की दूरी में 20 जगहों पर सड़क पर ट्रक व भारी वाहन खड़े हो रहे हैं। इन वाहनों के चलते आठ माह में करीब 10 से लोगों की जान जा चुकी है, 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
वहीं विभिन्न कारणों से सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या तो करीब 200 से अधिक है। यहीं नहीं डीएम के सख्त निर्देश के बावजूद भी अब तक संबंधित विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाया है। जनपद में सड़कों का जाल तो बिछा दिया गया, लेकिन कई महत्वपूर्ण जगहों पर सर्विस लेन नहीं होने से वाहन हाईवे पर खड़ा दिया जा रहा है। ऐसे में हादसे में आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। खासकर वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन की बात की जाए तो महराजगंज से मटेहूं तक करीब 40 किमी में जगह-जगह भारी व बड़े वाहन खड़े रहते हैं। इसमें सियारामपुर, नसरतपुर, बरही, पछुहरा, महेंगवा, नरवर, मरदह, कंसहरी, नवपुरा, करदह कैथवली, हैदरगंज, मटेहूं, भड़सर, बिरनो, डांडीकला, शेखपुर, रसूलपुरबेलवा, बुजुर्गा गांव के सामने सहित अन्य इलाके शामिल हैं, जहां वाहन खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि सड़क सुरक्षा बैठक में जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों द्वारा निर्देश दिया जाता है, लेकिन स्थिति जस की तस की बनी हुई है। यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे पर वाहन खड़े करने वालों का लगातार चालान काटने के साथ कार्रवाई की जा रही है। यहीं नहीं टीम चालकों को जागरूक भी करने का काम करती है। चालकों में जागरूकता बढ़ी है, अब हाईवे पर वाहन खड़े होने कम हो गए हैं।