- जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर चुनौती
-वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) की उस याचिका को कल सुनने पर सहमति जताई है, जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति न देने के आदेश को चुनौती दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि याचिका 24 घंटे के अंदर लिस्ट की जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता तो याचिकाकर्ता कल दोबारा उल्लेख कर सकते हैं।
आईवाईसी ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। इसमें सुरक्षा, यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था संबंधी सभी शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया गया था। पुलिस ने 1 अक्टूबर को अनुमति अस्वीकार कर दी। याचिका में कहा गया है कि पुलिस शांतिपूर्ण सभा को केवल नियंत्रित कर सकती है, बिना उचित और आनुपातिक मूल्यांकन के पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं कर सकती।