-हर दूसरे आदमी में तेजी से बढ़ रही है फैटी लिवर की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जीवन शैली को सुधार कर लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। यदि लिवर स्वस्थ रहा तो गैर-संचारी रोग भी कम होंगे। लेकिन बढ़ते मरीजों की संख्या कुछ और कह रही है। दिल्ली सहित देश में तेजी से फैटी लिवर की समस्या बढ़ रही है। इसे लेकर विश्व लिवर दिवस के अवसर पर लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस) में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें लिवर से जुड़ी बीमारियों को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया तो, रोगी के अनुभवों के माध्यम से लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर गहन मंथन हुआ ।
कार्यक्रम के दौरान आईएलबीएस के निदेशक और चांसलर डॉ. शिव कुमार सरीन ने कहा कि लिवर शरीर का गुमनाम नायक है, जो चुपचाप महत्वपूर्ण कार्य करता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लिवर के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि इसका असर हमारे शरीर के विभिन्न पहलुओं पर पड़ता है। लोगों में तेजी से बढ़ते फैटी लिवर रोग की समस्या गैर-संचारी रोगों के साथ जुड़ाव के कारण तेजी से चिंता का कारण बनती जा रही है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल ने कहा कि लिवर की समस्या को दूर करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इसके निदान, उपचार और सार्वजनिक जागरूकता अभियानों को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आईएलबीएस को इस रोग में आ रहे बदलाव को देखते हुए प्राथमिक देखभाल मॉडल विकसित करना चाहिए, जो स्वास्थ्य देखभाल में नवाचार को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम के दौरान यकृत कुटुंबकम शीर्षक से आईएलबीएस की वार्षिक रिपोर्ट लॉन्च की गई। अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा कि लिवर के बढ़ते रोग वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता बन गए हैं।
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03 प्रोगाम शुरू किए गए लिवर के लिए
स्वस्थ लिवर के लिए तीन अभियान शुरू किए गए। इसमें जागरूकता के लिए पूरे देश में बिल बोर्ड से संदेश देना। हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) और हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी) से संक्रमित लाखों लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए 'एम्पथी' अभियान शुरू करना और पूर्वी दिल्ली फिजिशियन एसोसिएशन ने आईएलबीएस के साथ मिलकर पूर्वी दिल्ली में 12 से 18 वर्ष के स्कूली बच्चों में एनसीडी, विशेष रूप से फैटी लिवर के प्रारंभिक जोखिम स्तर का पता लगाने का निर्णय लिया है।