नगीना। हकीम अजमल खां के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय यूनानी दिवस पर नूंह आयुष विभाग नगीना में नि:शुल्क यूनानी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस यूनानी चिकित्सा शिविर का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक मोहम्मद कमर ने किया। इस यूनानी स्वास्थ्य शिविर में कुल 459 मरीजों की जांच की गई जिसमें यूनानी पद्धति द्वारा 213, आयुर्वेदिक पद्धति द्वारा 85, होम्योपैथिक पद्धति द्वारा 161, वृद्ध ओपीडी 54 व पंचकर्म व योग पद्धति द्वारा 55 मरीजों का उपचार किया गया। स्वास्थ्य शिविर में 42 मरीजों की मधुमेह जांच की गई और 54 व्यक्तियों का नि:शुल्क औषधीय पौधे वितरित किए गए।
इस मौके पर डॉ मोहम्मद कमर ने बताया कि कोरोना महामारी में यूनानी और आयुर्वेद का विशेष महत्व है, क्योंकि प्रकृति के नियम के अनुसार चलते हुए आदमी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के कारण आदमी बीमार नहीं पड़ता है। उन्होंने बताया कि योग का हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है क्योंकि योग करने से हमारे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती है और प्रत्येक व्यक्ति को योग को नियमित रूप से अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. मोहम्मद अरशद ग्यास को प्रशस्ति पत्र देकर पर सम्मानित किया गया।
डॉ. अरशद ग्यास नगीना ने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति में जोड़ों और पेट की बीमारियों का बहुत बेहतरीन इलाज उपलब्ध है। नोडल अधिकारी डॉ. यशबीर गहलावत ने बताया कि हकीम अजमल खां को यूनानी का जन्मदाता माना जाता है जिसके कारण 11 फरवरी को यूनानी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. मनोज, डॉ. शशांक सहित आयुष विभाग के सभी चिकित्सक व अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।