नोएडा। जिला अस्पताल बृहस्पतिवार को पैरा मेडिकल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की हड़ताल से हाल बेहाल रहा। दिनभर मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। रेफर मरीजों को एंबुलेंस तक मुहैया नहीं हो पाई। कई चिकित्सक ड्यूटी से नदारद रहे और मरीज ओपीडी में दर्द से तड़पते रहे, परंतु किसी ने सुध नहीं ली। सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
तीमारदारों को तलाशने पड़े स्ट्रेचर
हड़ताल की वजह से इमरजेंसी खाली सी हो गई थी। गंभीर मरीज को इमरजेंसी तक ले जाने के लिए तीमारदारों को खुद ही स्ट्रेचर और व्हीलचेयर लेकर आनी पड़ी। हरौला से आए विक्की ने बताया कि उनकी पत्नी पिंकी की हालत बहुत खराब है। वह चलकर अंदर नहीं जा सकती थी, इसलिए उन्हें खुद ही व्हीलचेयर ढूंढकर लानी पड़ी।
सादे पर्चे पर लिख दी एंबुलेंस
अस्पताल में अपने मरीज को लेकर पहुंची शिवानी ने बताया कि डॉक्टर ने मरीज को गंभीर बताते हुए रेफर कर दिया। सादे कागज पर एंबुलेंस के लिए लिख दिया गया, लेकिन जब एंबुलेंस स्टाफ के पास गई तो वहां सादे कागज पर एंबुलेंस नहीं मिल सकती है। इस वजह से दो घंटे तक अस्पताल में भटकती रही।
एंबुलेंस अस्पताल से बाहर, निजी गाड़ी अंदर
हड़ताल की वजह से अस्पताल का हाल बेहाल था। डॉक्टर और मरीज मनचाही जगह वाहन खड़े कर रहे थे। इस वजह से एंबुलेंस को अस्पताल के बाहर खड़ा करना पड़ा। अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों को ऑटो या ई-रिक्शा के जरिए एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।
ये है मामला
जिला अस्पताल में वेतन के भुगतान की मांग करने पर 15 डाटा ऑपरेटर को बिना नोटिस दिए कार्य मुक्त कर दिया गया है। विरोध में सभी 56 पैरा मेडिकल स्टाफ बुधवार से हड़ताल पर है। अब इसमेें 45 गार्ड भी बकाया वेतन की मांग को लेकर हड़ताल में शामिल हो गए हैं।
आप कार्यकर्ताओं ने किया समर्थन
आप कार्यकर्ता भी हड़ताल पर बैठे पैरा मेडिकल स्टाफ और सिक्योरिटी गार्डों के बीच पहुंचे। उन्होंने इस संबंध में सीएमएस डॉ. वंदना शर्मा से भी बातचीत की। इस पर उन्होंने कहा कि शासन से बजट की मांग की गई है।